राष्ट्रीय

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का ऐतिहासिक रिकॉर्ड,  785 बिलियन डॉलर के पार हुआ आंकड़ा! 

डेस्क: नई दिल्ली।भारत का विदेशी मुद्रा भंडार  इतिहास में पहली बार 785 बिलियन डॉलर (लगभग 785.71 बिलियन डॉलर) के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है. ये आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को जारी क‍िए हैं.

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार 4 सितंबर 2026 को खत्‍म हुए हफ्ते में $44.90 बिलियन की सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की गई है, ज‍िसके बाद भारत का व‍िदेशी मुद्रा भंडार लगभग 785.71 बिलियन डॉलर के स्‍तर पर पहुंच गया है. ये कमाल स‍िर्फ एक सप्ताह के भीतर हुआ है.

 

आम आदमी की जेब पर असर 

इस बात को याद रखें क‍ि विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश का इमरजेंसी फंड होता है. इसके मजबूत होने से रुपया मजबूत होता है. यानी जब देश के पास डॉलर और विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार होता है, तो भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले बेकाबू होकर गिरता नहीं है. इससे देश की करेंसी स्थिर रहती है.

इसका असर पेट्रोल-डीजल और आयात होने वाली चीजों की कीमत पर भी होता है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स बाहर से खरीदता है. ऐसे में जब फॉरेक्स रिजर्व मजबूत होता है, तो इसकी वजह से इंपोर्ट महंगा नहीं होता और देश में महंगाई पर लगाम कसी रहती है.

 

दूसरी ओर व‍िदेशी मुद्रा भंडार के मजबूत रहने से देश में आर्थिक संकट जैसी स्‍थ‍ित‍ि नहीं बनती है. जैसे क‍ि श्रीलंका या पाकिस्तान में विदेशी मुद्रा खत्म होने से आवश्यक चीजों का अकाल पड़ गया था, भारत इस मामले में पूरी तरह सुरक्षित है. भारत के पास कई महीनों तक बिना किसी रुकावट के सामान आयात करने का बैकअप मौजूद है.

यही नहीं, इसका असर विदेशी निवेश और रोजगार पर होता है. विदेशी कंपनियां उसी देश में पैसा लगाती हैं जहां का फॉरेक्स रिजर्व मजबूत हो. इससे देश में नए प्रोजेक्ट आते हैं और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनते हैं.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *