डेस्क: कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भारत में होने वाले BRICS, SCO, G20 और QUAD में भारत की भागीदारी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर इन मंचों से भारत को क्या फायदा मिल रहा है। इसे लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर पी सिंह पलटवार किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कहा कि फूफा जी पूछ रहे हैं “BRICS से हमें क्या मिलता है? उन्होंने कहा कि फूफा जी, जवाब राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, आंकड़ों से देता हूं। BRICS के साथ भारत के आर्थिक रिश्तों का विस्तार देखिए
# व्यापार: 2015 में करीब $102 अरब → 2025 में करीब $400 अरब
कुल व्यापार में BRICS की हिस्सेदारी: लगातार बढ़ी
# FDI इनफ्लो में हिस्सेदारी: करीब 4.7% → 10%+
# FDI आउटफ्लो में हिस्सेदारी: करीब 2% → 11%+
# ऊर्जा सुरक्षा: रूस और BRICS के खाड़ी देशों से महत्वपूर्ण ऊर्जा आयात
# वित्तीय सहयोग: स्थानीय मुद्राओं में व्यापार, UPI कनेक्टिविटी और New Development Bank जैसे मंच भारत के आर्थिक विकल्प बढ़ा रहे हैं। तो सवाल यह नहीं कि “BRICS से हमें क्या मिलता है? सवाल यह है कि जब BRICS देशों के साथ भारत का व्यापार और निवेश कई गुना बढ़ रहा है, तो कांग्रेस को इसमें भारत का आर्थिक हित क्यों नहीं दिखाई देता? फूफा जी, विदेश नीति को राजनीतिक चश्मे से नहीं – राष्ट्रीय हित और आंकड़ों के चश्मे से देखिए।
आप को बता दें कि 12-13 सितंबर को BRICS समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें BRICS लीडर्स समिट की मेजबानी करने जा रहा है। भारत इस साल चौथी बार BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। इस बार समिट का मुख्य विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखा गया है।
आखिर ब्रिक्स बना क्यों था? क्या है इसके BRIC से BRICS बनने की पूरी कहानी इस समिट में विस्तारित 11 सदस्यीय BRICS समूह के नेता शामिल होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन समेत दूसरे सदस्य देशों के नेताओं की मेजबानी करेंगे।

