डेस्क: ओडिशा। ओडिशा के बालासोर जिले के भोगराई स्थित बिचित्रापुर जंगल में मिले ओरांगुटान जैसे दिखने वाले पांच जानवरों को लेकर वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने बड़ा बयान दिया है.
मंत्री ने कहा कि मामले की जांच जारी है और अगर इन जानवरों की कथित तस्करी या यहां लाने में कोई भी व्यक्ति शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
मंत्री ने कहा कि जांच में कई पहलुओं को देखा जा रहा है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एक गाड़ी इलाके में आई थी और करीब 15 मिनट तक रुकने के बाद वहां से चली गई. इस संबंध में जांच की जा रही है और गाड़ी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.
स्थानीय लोगों से भी की जा रही पूछताछ
उन्होंने बताया कि मामले की जांच के दौरान स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. गांव के लोगों से आवश्यक सहयोग लिया जा रहा है, ताकि जानवरों को जंगल में छोड़ने या वहां पहुंचने से जुड़ी किसी भी कड़ी का पता लगाया जा सके.
वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से नेशनल जू अथॉरिटी को भी पत्र भेजा गया है. अधिकारियों की एक टीम के आने की उम्मीद है, जिसके बाद इन जानवरों की पहचान, उनकी स्थिति और उन्हें रखने की संभावनाओं को लेकर आगे फैसला किया जाएगा.
मंत्री ने कहा कि फिलहाल इन जानवरों को लेकर जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा. इलाके के मौसम और पर्यावरणीय परिस्थितियों का भी आकलन किया जाएगा. इसके बाद विशेषज्ञों की सलाह और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा कि इन जानवरों को कहां रखा जाना उचित होगा.
वन्यजीवों की सुरक्षा को दी जाएगी प्राथमिकता
मंत्री ने यह भी कहा कि यदि विशेषज्ञों की जांच के बाद यह तय होता है कि इन ओरांगुटानों को ओडिशा में रखा जा सकता है और नंदनकानन का वातावरण इनके लिए अनुकूल है, तो यहां इनके रहने से नंदनकानन की शोभा और बढ़ेगी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही, अगर जांच में किसी तरह की गैरकानूनी गतिविधि या तस्करी का खुलासा होता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल वन विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के साथ-साथ दूसरे राज्यों या अन्य संभावित नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है.

