डेस्क: अप्रवासी बिहारियों के लिए राज्य सरकार निरंतर कई स्तर पर प्रयास कर रही है, जिससे उन्हें छठ या दीपावली के मौके पर घर आने में किसी तरह की असुविधा नहीं हो। इसी क्रम में राज्य सरकार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने हाल में उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से खासतौर से मुलाकात की थी। साथ ही हरियाणा से विशेष बस के परिचालन के लिए रूट परमिट को लेकर चर्चा की गई।
राज्य सरकार के इस विशेष प्रयास से बिहार और हरियाणा के रूट पर बस परिचालन की अनुमति मिल गई है। इस रूट पर कारोबार, रोजगार, शिक्षा एवं अन्य कार्यों के लिए रोजाना हजारों यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। इन यात्रियों के लिए सुगम, किफायती और सुरक्षित यात्रा की शुरुआत होने जा रही है। दोनों राज्यों के बीच जल्द ही बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की बसों का नियमित परिचालन शुरू होने जा रहा है। निगम ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है और बसें खरीद ली गई हैं। जल्द ही इनका परिचालन शुरू होने की संभावना है।
गौरतलब है कि परिवहन निगम अपने स्तर से 149 बसों की खरीद कर रहा है, जिसमें 75 एसी बसों शामिल हैं। इन बसों की खरीद कई चरणों में करने की योजना है। इन एसी बसों में ही कुछ का परिचालन हरियाणा समेत अन्य राज्यों के लिए करने की तैयारी है। दोनों राज्यों बिहार-हरियाणा के बीच अंतररज्यीय बस सेवा शुरू करने के लिए इस वर्ष जुलाई में एक द्विपक्षीय समझौता (MOU) पर हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते के तहत बिहार के 12 प्रमुख रूटों से हरियाणा के लिए एसी युक्त डीलक्स बसें चलाने का निर्णय लिया गया था।
योजना के मुताबिक, ये बसें बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, मधुबनी समेत अन्य प्रमुख शहरों से चलकर हरियाणा के अंबाला, गुरुग्राम और पानीपत जैसे बड़े शहरों तक जाएंगी। इससे दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में रहने वाले लाखों प्रवासियों को आरामदायक और किफायती यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। निगम के अनुसार, यह सेवा नियमित रूप से चलाई जाएगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच सीधी सेवा के अलावा अन्य पड़ोसी राज्यों के बीच यात्रियों का आवागमन सुगम हो सके। आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारी सीजन को देखते हुए इस रूट पर बसों की संख्या बढ़ाने की भी योजना है, जिससे घर लौटने वाले प्रवासियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

