डेस्क: भाजपा प्रवक्ता आर. पी. सिंह ने कक्षा 9 के एक सिख छात्र के साथ कथित रैगिंग और मारपीट के मामले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि छात्र को हॉस्टल के कमरे से कथित तौर पर खींचकर बाहर लाना, उसके साथ मारपीट और अपमान करना तथा महीनों तक सीनियर्स द्वारा रैगिंग किया जाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
आर. पी. सिंह ने कहा कि इसे “छात्रों की आपसी प्रतिद्वंद्विता” कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह बच्चों की सुरक्षा और संस्थान की जिम्मेदारी से जुड़ी गंभीर विफलता है। उन्होंने कहा कि स्कूल छात्रों के लिए सुरक्षा की जगह होनी चाहिए, डर की नहीं।
भाजपा प्रवक्ता ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लगे आरोप गंभीर हैं, लेकिन स्कूल प्रशासन और प्रिंसिपल की भूमिका से जुड़े सवाल भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कथित तौर पर महीनों तक रैगिंग चलती रही, तो स्कूल प्रशासन कहां था और बच्चे की सुरक्षा के लिए कौन जिम्मेदार था।
आर. पी. सिंह ने कहा कि पीड़ित छात्र की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए, पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को रैगिंग, मारपीट या डराने-धमकाने का सामना नहीं करना चाहिए और किसी भी संस्थान को जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाना चाहिए।

