डेस्क: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना को लेकर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार होने के बावजूद नीयत की लाचारी है तथा कोई जवाबदेही भी नहीं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर पलटवार करते हुए कि यह भी कहा कि जवाबदेही की मांग करने वालों को प्रधानमत्री द्वारा ”दिमागी नक्सल” और ”नाराज़ फूफा” जैसे अपमानजनक तमगों से नवाजकर चुप कराने का प्रयास किया जाता है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”हर बार भाजपा सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न है, हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाज़ी होती है, कुछ छोटे अफसरों पर ज़िम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।” उन्होंने कहा, ”सत्य निकेतन में छात्रों की रिहायश वाली इमारत का गिरना कोई अकेली त्रासदी नहीं है। पिछले 4 महीनों में सैदुलाजाब में ऐसी त्रासदी में 6 लोगों की मौत हुई, हौज़ रानी में आग ने 22 जानें ले लीं। हर बार जिंदगियां, सपने और अरमान मलबे में दबते हैं और हर बार कार्रवाई गायब रहती है।”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जवाबदेही की मांग करने वालों को अपमानजनक तमगों के जरिए शर्मिंदा और बदनाम कर चुप कराने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा, ”जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री खुद आपको दिमागी नक्सल, नाराज़ फूफा जैसे अपमानजनक तमगे दे देते हैं – मकसद, सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा करो, बदनाम करो और चुप करा दो।”
राहुल गांधी ने कहा, ”12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की। दिल्ली में ”ट्रिपल इंजन” सरकार है, तो अब किस बात से लाचार है?” उन्होंने आरोप लगाया, ”लाचारी नीयत की है क्योंकि जहां नीयत नहीं होती, वहां जवाबदेही भी नहीं होती।” राहुल गांधी ने ‘टीना’ (देयर इज नो अकाउंटबिलिटी) हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए यह भी कहा कि कोई जवाबदेही नहीं है।

