बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना के सौजन्य से जुबिली हॉल में तृतीय सात दिवसीय आवासीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण का हुआ उद्घाटन
दरभंगा:ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी के आदेश से बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना के सौजन्य से जुबिली हॉल में दरभंगा जिला के विभिन्न कॉलेजों के 200 एनएसएस स्वयंसेवकों का सात दिवसीय आवासीय ‘युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण शिविर’ का शुभारंभ हुआ। प्रारंभ में राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान की प्रस्तुति के बाद अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से शिविर का शुभारंभ हुआ। सामाजिक विज्ञान संकाय के अध्यक्ष प्रो ध्रुव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित उद्घाटन सत्र में भू-संपदा पदाधिकारी डॉ कामेश्वर पासवान-विशिष्ट अतिथि, एसडीआरएफ, बिहटा, पटना के इंस्ट्रेक्टर रूपेश कुमार पासवान-मुख्य वक्ता, शिविर संयोजक डॉ आर एन चौरसिया-स्वागत कर्ता एवं विषय प्रवेश, एनएसएस समन्वयक-द्वितीय डॉ शबनम कुमारी-धन्यवाद कर्ता तथा तथा मंच संचालिका डॉ रीता कुमारी आदि ने विचार व्यक्त किया। मंचासीन अतिथियों के साथ ही मुकेश कुमार झा, मणिकांत ठाकुर तथा एसडीआर टीम के पंकज कुमार, राजू कुमार, संतोष कुमार, पूजा कुमारी तथा मिथिलेश तिवारी आदि का स्वागत पाग, चादर, मोमेंटो एवं बुके से किया गया। इस अवसर पर डॉ रीता कुमारी, डॉ अनुपम प्रिया, डॉ शंभू पासवान, डॉ सुजीत कुमार साफी, डॉ उदय कुमार, डॉ अमित कुमार सिन्हा, कुमार नीरज, डॉ युगेश्वर साह, डॉ अजय कुमार आदि एनएसएस पदाधिकारियों, अक्षय कुमार झा, अमित कुमार झा, विकास कुमार, सुमीत कुमार, रवीन्द्र कुमार सिंह आदि ने सक्रिय सहयोग किया।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो ध्रुव कुमार ने कहा कि आपदा प्रशिक्षण से युवाओं का एक बड़ा फोर्स तैयार होगा जो आपदा के समय समाज में जान-माल की रक्षा करने में सक्षम होंगे। एसडीआरएफ की टीम एनएसएस के माध्यम से चार बैचों में कुल 800 स्वयंसेवकों को जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित कर रही है जो हमारे समाज के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। कहा कि बिहार कई तरह के आपदाओं से ग्रसित प्रदेश है। आपदाओं को हम रोक तो नहीं सकते हैं, परंतु प्रशिक्षित युवाओं के बल पर इसके प्रभावों को कम से कम अवश्य कर सकते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि आपदा के समय काफी अफवाहें फैलती हैं, जिन्हें हमारे स्वयंसेवक दूर करने का भी प्रयास कर अवश्य रोकेंगे। मुख्य वक्ता के रूप में एसडीआरएफ के प्रशिक्षक रूपेश कुमार पासवान ने कहा कि बिहार एक बहु आपदा प्रभावित राज्य है। यदि हर पंचायत में प्रशिक्षित स्वयंसेवक हों तो आपदा का न्यूनीकरण संभव हैं। प्रशिक्षण में स्वयंसेवक आपदा के पूर्व, आपदा के दौरान एवं आपदा के बाद क्या करें क्या न करें, की जानकारी प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में हमारी एसडीआरएफ टीम हर आपदा के बारे में बारीकी से विशेष रूप से विस्तृत जानकारी देगी। विशिष्ट अतिथि डॉ कामेश्वर पासवान ने कहा कि पटना की सुयोग्य एसडीआरएफ टीम 800 स्वयंसेवकों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देकर आपदा मित्र बना रही है जो मिथिलांचल के लिए काफी लाभदायक होगा। कहा कि आपदा काल में हमारे प्रशिक्षित स्वयंसेवक अगली पंक्तियों में खड़े होकर समाज की रक्षा करेंगे।
अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवेश कराते हुए शिविर संयोजक डॉ आर एन चौरसिया ने कहा कि युवा सामाजिक परिवर्तन के वाहक एवं नेतृत्वकर्ता हैं। ये युवा विकसित भारत-2047 के केवल साक्षी नहीं, बल्कि सारथी भी बनेंगे। यदि प्रशिक्षित स्वयंसेवक आपदा न्यूनीकरण में सक्रिय सहयोग करेंगे, तभी विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने आह्वान किया कि स्वयंसेवक आपदा संबंधी व्यावहारिक ज्ञान का सदुपयोग कर समाज के रक्षक बनेंगे तथा राष्ट्र के महत्वपूर्ण मानव संसाधन सिद्ध होंगे। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डॉ शबनम कुमारी ने कहा हमारे देश के एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीम विदेश में भी आपदा के समय सहायता हेतु जाते हैं। प्रशिक्षण के बाद एनएसएस स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाएगी। ये न केवल स्वयं सक्रिय होंगे, बल्कि अपने समाज को भी जागरूक एवं प्रशिक्षित करेंगे। वहीं बौद्धिक सत्र में के एस कॉलेज, दरभंगा के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ अमित कुमार सिन्हा ने स्वयंसेवकों के महत्वों एवं दायित्वों को विस्तार से समझाया। तत्पश्चात प्रशिक्षकों ने आपदा की परिभाषा, प्रकार, कारण एवं आपदा कानून आदि की विस्तार से जानकारी दी।

