मुजफ्फरपुर: एसकेएमसीएच गेट नंबर-1 के सामने होटल की आड़ में अवैध रूप से संचालित मां अंबिका हॉस्पिटल का प्रशासनिक टीम ने भंडाफोड़ किया है।
पहली मंजिल पर होटल का बोर्ड लगा था, जबकि अंदर पूरी तरह से अस्पताल की तरह मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान मौके पर न कोई चिकित्सक मिला और न ही नर्सिंग स्टाफ था। इसी भवन के ग्राउंड फ्लोर पर एक कमरे में बाहर से ताला लगा था। प्रशासनिक टीम ने जब ताला तोड़ा, तो अंदर करीब 15 मरीज भर्ती मिले।
अनियमितताओं का आरोप
मरीजों के स्वजन ने आरोप लगाया कि अस्पताल कर्मियों द्वारा लगातार पैसों की मांग की जाती थी। भुगतान न करने पर मरीजों को बाहर निकालने की धमकी दी जाती थी। अस्पताल में न तो पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं थीं और न ही साफ-सफाई।
एसडीओ ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर पर जहां मरीज मिले, वहां अस्पताल के मानक के विपरीत लाज जैसा माहौल था और कमरों से तेज दुर्गंध आ रही थी। पूछताछ में मरीजों व उनके स्वजन ने खुलासा किया कि यहां ऑपरेशन के लिए मरीजों को लाया जाता था और इलाज के नाम पर मनमाने पैसे वसूले जाते थे।
अस्पताल के जरूरी कागजात मौजूद नहीं
पूर्वी एसडीओ आनंद उत्सव ने बताया कि अवैध अस्पताल संचालन की सूचना पर प्रशासनिक टीम ने सबसे पहले मेडिकल ओवरब्रिज के पास दो निजी अस्पतालों की जांच की थी। जांच के दौरान वहां किसी तरह की अनियमितता नहीं मिलने पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसके बाद एसकेएमसीएच गेट नंबर-1 के सामने होटल की आड़ में अवैध अस्पताल संचालित होने की सूचना मिली। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो अस्पताल संचालन से संबंधित आवश्यक कागजात नहीं मिले।
उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल सील करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अग्निकांड के बाद जांच प्रक्रिया तेज
मालूम हो कि प्रसाद हास्पिटल अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ अग्निशमन विभाग की टीम ने एसकेएमसीएच के आस-पास 25 नर्सिंग होम में ताबड़तोड़ छापेमारी करके उसे सील कर दिया था।
आठ नर्सिंग होम पूर्व के एसडीओं के तबादले के आदेश के बाद खोलने के निर्देश दे दिए थे। जिसके बाद नर्सिंग होम संचालक की मनमानी फिर बढ़ गई।
लोगों की मानें तो एसकेएमसीएच के आस-पास स्वास्थ्य, अग्निशमन और प्रदुषण विभाग के मानक के विपरित एक-दो नर्सिंग होम छोड़कर अन्य संचालित है।
अगर प्रशासनिक टीम नियम संगत जांच करें तो तीस से अधिक नर्सिंग होम सिर्फ एसकेएमसीएच के पास बंद हो जाएंगे। इन नर्सिंग होम में मरीजों को एसकेएमसीएच से ही ले जाकर बिचौलिए इलाज को भर्ती करवाते हैं।

