डेस्क: श्रीलंका के बल्लेबाज सोनल दिनुशा ने कोलंबो में भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में मैच बचाने वाली नाबाद 133 रन की पारी खेलने के बाद अपनी सफलता का श्रेय अपने कोचिंग स्टाफ, स्कूल कोच, प्रोविंशियल कोच और परिवार को दिया। दिनुशा की नाबाद 133 रन की शानदार पारी ने श्रीलंका को भारत के खिलाफ मैच ड्रॉ कराने में मदद की। साथ ही वह दो मैचों की टेस्ट सीरीज में तीन शतक लगाने वाले तीसरे श्रीलंकाई बल्लेबाज भी बन गए। हालांकि, भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से जीत ली क्योंकि मेहमान टीम ने गॉल टेस्ट में 165 रन से जीत हासिल की थी।
‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने जाने के बाद दिनुशा ने कहा कि गॉल में उनकी तैयारी और टर्निंग पिचों पर अभ्यास ने उन्हें भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का सामना करने में मदद की। दिनुशा ने कहा, ‘सबसे पहले मैं उन लोगों का जिक्र करना चाहूंगा जिन्होंने मुझे यहां तक पहुंचने में मदद की। मैं हमारे कोचिंग स्टाफ, अपने स्कूल कोच और प्रोविंशियल कोच, और अपने परिवार का भी जिक्र करना चाहता हूं। यह असल में गॉल में की गई तैयारी की बात है और मुझे टर्निंग पिचों के बारे में अंदाजा था, इसलिए मैंने उसके लिए अभ्यास किया था।’
दिनुशा ने भारत के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया और चार पारियों में 140.00 की औसत से 420 रन बनाए। सीरीज में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 133 रन था और उन्होंने दो मैचों में तीन शतक और एक अर्धशतक लगाया। वह सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे।
निचले क्रम के बल्लेबाजों (टेल-एंडर्स) के साथ अपनी साझेदारी के बारे में बात करते हुए बाएं हाथ के बल्लेबाज ने उनके योगदान की तारीफ की और कहा कि इससे उन्हें पारी को आगे बढ़ाने में मदद मिली। उन्होंने कहा, ‘मैं यह बताना चाहूंगा कि निचले क्रम के बल्लेबाजों ने बहुत अच्छा खेला। इससे मुझे भी रन बनाने में मदद मिली। मैंने स्थिति को समझते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश की।’
दिनुशा ने कहा कि वह तीन शतक लगाने की अपनी उपलब्धि से बहुत खुश हैं और उन्होंने मुश्किल समय में टीम के लिए योगदान देने की अपनी जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं इसे लेकर बहुत खुश हूं। जब टीम मुश्किल में होती है, तो मैं टीम के लिए रन बनाना चाहता हूं, इसलिए मुझे खुशी है कि मैं ऐसा कर पाया। एक खिलाड़ी के तौर पर भारत के खिलाफ रन बनाना खुशी की बात है।’

