डेस्क: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता से नेता बने थलपति विजय (Thalapathy Vijay) इन दिनों एक अलग वजह से सुर्खियों में हैं। विधानसभा की कार्यवाही (Legislative Assembly Proceedings) के दौरान उन्होंने कुछ ऐसा किया, जो आम तौर पर देखने को नहीं मिलता। विजय अपनी निर्धारित मुख्यमंत्री की सीट छोड़कर कैबिनेट मंत्रियों के बीच जाकर बैठ गए। उनके इस कदम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अपनी सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच जा बैठे मुख्यमंत्री
विधानसभा की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विजय पहले अपनी निर्धारित सीट पर बैठे। हालांकि कुछ देर बाद वह अचानक अपनी कुर्सी से उठे और मंत्रियों के लिए निर्धारित सीटों की ओर चले गए।
वहां पहुंचकर विजय मंत्री के. ए. सेंगोट्टैयन और आधव अर्जुन के बीच जाकर बैठ गए। इस दौरान वह दोनों समेत वहां मौजूद अन्य मंत्रियों से बातचीत करते हुए भी नजर आए।
विधानसभा में मुख्यमंत्री के लिए एक निर्धारित स्थान होता है। आमतौर पर स्पीकर की कुर्सी के पास मुख्यमंत्री की सीट रहती है और इसके बाद वरिष्ठता के आधार पर मंत्रियों की सीटें तय होती हैं। विपक्ष के नेता और अन्य विपक्षी विधायक दूसरी ओर बैठते हैं।
ऐसे में किसी मुख्यमंत्री का अपनी निर्धारित सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच जाकर बैठना सामान्य दृश्य नहीं माना जाता।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक किसी मुख्यमंत्री के इस तरह अपनी सीट छोड़कर मंत्रियों की सीट पर जाकर बैठने का उदाहरण सामने नहीं आया है। सदन की कार्यवाही के दौरान यदि मुख्यमंत्री को किसी मंत्री से बातचीत करनी होती है तो आमतौर पर मंत्री ही मुख्यमंत्री की सीट के पास आकर बात करते हैं।
सोशल मीडिया पर क्यों हो रही चर्चा?
विजय के इस कदम का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। हालांकि, उनके मंत्रियों के बीच जाकर बैठने के पीछे कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।
वीडियो में मुख्यमंत्री का सहज अंदाज और मंत्रियों के साथ बैठकर बातचीत करना लोगों का ध्यान खींच रहा है।
अभिनेता से नेता और फिर मुख्यमंत्री बने विजय
थलपति विजय ने फिल्मी दुनिया में लंबा सफल करियर बनाने के बाद राजनीति में कदम रखा। मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालने के बाद से वह लगातार राजनीतिक गतिविधियों और सरकार के फैसलों को लेकर चर्चा में रहे हैं।
उनकी सरकार की ओर से महिलाओं और परिवारों से जुड़ी कई योजनाओं की घोषणाएं भी की गई हैं। इनमें तीसरे बच्चे के लिए प्रस्तावित मैटरनिटी लीव को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 365 दिन करने की घोषणा शामिल है।
सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाली बच्चियों के लिए सोने की अंगूठी जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया गया है।
विधायकों के लिए भी किया बड़ा ऐलान
विजय ने विधायकों के लिए भी एक बड़ा पैकेज घोषित किया है। इसके तहत सभी विधायकों को सरकारी वाहन के साथ 1 लाख रुपये का मासिक पैकेज देने की बात कही गई है।
इस रकम में 75 हजार रुपये ईंधन, वाहन के रखरखाव और ड्राइवर के खर्च के लिए, जबकि 25 हजार रुपये कार्यालय के काम में मदद करने वाले असिस्टेंट के लिए शामिल हैं।
विधानसभा में मुख्यमंत्री का अपनी सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच बैठना भले ही कुछ मिनटों का घटनाक्रम रहा हो, लेकिन इसने एक बार फिर विजय के राजनीतिक अंदाज को चर्चा में ला दिया है।

