डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के दक्षिण कोरिया (South Korea) के साथ सैन्य अभ्यास में कटौती के फैसले के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में शांति की उम्मीद के साथ सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ गई है। दक्षिण कोरिया ने उम्मीद जताई है कि ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन (North Korean leader Kim Jong Un) के बीच बेहतर रिश्तों के जरिए अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच दोबारा सार्थक बातचीत शुरू हो सकती है।
ट्रंप ने सैन्य अभ्यास में कटौती के पीछे किम जोंग उन के साथ अपने अच्छे रिश्तों का हवाला दिया है। हालांकि, दक्षिण कोरिया में चिंता है कि अभ्यास कम होने से उत्तर कोरिया के परमाणु और सैन्य खतरे से निपटने की तैयारी प्रभावित हो सकती है।
11 दिन का सैन्य अभ्यास शुरू
दक्षिण कोरिया और अमेरिका का 11 दिन का उल्ची फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास सोमवार सुबह तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू हुआ। हालांकि, इसमें किन हिस्सों में कटौती की जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। ट्रंप ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को अभ्यास में बड़ी कटौती करने का निर्देश दिया है।
ट्रंप ने कहा कि यह सैन्य अभ्यास महंगा होने के साथ ही उत्तर कोरिया को गलत और आक्रामक संकेत देता है। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में उत्तर कोरिया ने कोई खतरा पैदा नहीं किया और सम्मानजनक रवैया अपनाया।
किम बातचीत के लिए तैयार होंगे?
किम जोंग उन लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास को संभावित हमले की तैयारी मानते रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु हथियारों और रूस के साथ मजबूत होते सैन्य सहयोग ने किम का आत्मविश्वास बढ़ाया है। ऐसे में अमेरिका से बड़ी रियायतें मिले बिना उनके बातचीत की मेज पर लौटने की संभावना कम मानी जा रही है।
दक्षिण कोरिया ने जताई बातचीत की उम्मीद
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि ट्रंप और किम के बीच दोस्ताना बातचीत अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच सार्थक संवाद का रास्ता खोल सकती है। इससे कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता को लेकर चर्चा आगे बढ़ेगी।
दक्षिण कोरिया ने यह भी कहा कि वह इस दिशा में जरूरी कूटनीतिक प्रयास करेगा। साथ ही, अमेरिका और दक्षिण कोरिया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल करने को लेकर सैन्य सहयोग पर भी बातचीत कर रहे हैं।
अमेरिका पर भरोसे को लेकर चिंता
ट्रंप का यह फैसला दक्षिण कोरिया में कई लोगों के लिए अप्रत्याशित रहा। अमेरिका एशिया में दक्षिण कोरिया का प्रमुख सहयोगी है और उत्तर कोरिया के परमाणु खतरे के कारण सैन्य सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति और सुरक्षा मामलों में कारोबारी रवैये के कारण दक्षिण कोरिया के कुछ लोगों में अमेरिका की प्रतिबद्धता को लेकर चिंता बढ़ी है। दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन नाटो सहयोगियों पर भी ईरान के खिलाफ पर्याप्त सहयोग नहीं करने का आरोप लगाता रहा है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति चाहते हैं बेहतर रिश्ते
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग उत्तर कोरिया के साथ संबंध सुधारने के पक्षधर हैं। सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने तनाव कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें सीमा पर लगाए गए लाउडस्पीकर बंद करना भी शामिल है, जिनसे पहले पॉप गाने और अंतरराष्ट्रीय खबरें प्रसारित की जाती थीं।

