डेस्क: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ़्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुई हिंसक झड़प की पहली तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों और वीडियो फुटेज में आरोपी ओमानी को-पायलट को फ़र्श पर दबोचा हुआ देखा जा सकता है, जबकि भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पास ही खून से लथपथ अवस्था में ऑक्सीजन मास्क लगाए पड़े हैं।
कॉकपिट में कुल्हाड़ी से हमला, यात्रियों का साहस
प्राप्त फुटेज के अनुसार, कॉकपिट में हुई हाथापाई के दौरान आरोपी को-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर कुल्हाड़ी और चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, बेहोश होने से पहले कैप्टन कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में सफल रहे। आवाज़ सुनकर विमान में सवार इज़राइली यात्री- जिनमें इंश्योरेंस एजेंसी मालिक असाफ़ राजुआन और प्लंबर यानिव हायुन शामिल थे- कॉकपिट की ओर दौड़े। यात्रियों ने हमलावर को दबोच लिया और लगभग 50 मिनट तक काबू में रखा। इस दौरान हायुन ने विमान का संतुलन बनाए रखने के लिए कंट्रोल लीवर भी संभाला।
तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग, ‘मुझे मार डालो’ चिल्ला रहा था आरोपी
हमले के बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जहां आरोपी को-पायलट को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने खुलासा किया कि काबू किए जाने के बाद आरोपी लगातार “मुझे मार डालो, मुझे मार डालो” चिल्ला रहा था। नेतान्याहू ने इस घटना को एक ‘आत्मघाती और कट्टरपंथी’ कृत्य करार देते हुए कहा कि आरोपी का इरादा 180 यात्रियों (जिनमें से 170 इज़राइली नागरिक थे) से भरे विमान को क्रैश करने का था।
जिहादी आतंकी हमले का संदेह, जांच जारी
इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ और भारत स्थित इज़राइली दूतावास ने इसे ‘जिहादी आतंकी हमले की कोशिश’ बताया है। दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि यह हमला न केवल इज़राइली नागरिकों पर, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात और ऐतिहासिक ‘अब्राहम समझौते’ पर भी एक आघात है। नेतान्याहू के अनुसार, आरोपी से फिलहाल सऊदी अरब में पूछताछ की जा रही है और जल्द ही उसे UAE स्थानांतरित किया जा सकता है। जांचकर्ता इस बात का पता लगा रहे हैं कि क्या आरोपी का कोई नेटवर्क था या इसमें ईरान की कोई भूमिका थी।
तेल अवीव के चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई के एक अन्य पायलट ने आरोपी को-पायलट के व्यवहार को अत्यधिक धार्मिक बताया। उन्होंने खुलासा किया कि आरोपी दिन भर बार-बार प्रार्थना करता था और महिलाओं से हाथ मिलाने से इनकार कर देता था। इज़राइल के साथ राजनयिक संबंध न रखने वाले देश (ओमान) के नागरिक को तेल अवीव जाने वाली फ़्लाइट में तैनात किए जाने को लेकर अब सुरक्षा और प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


