डेस्क: तमिलनाडु (Tamil Nadu) में थलपति विजय (Thalapathy Vijay) की पार्टी तमिळगा वेत्री कड़गम यानी TVK ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के इस्तीफे (Resignation) की मांग से खुद को अलग कर लिया है। कांग्रेस समेत (Congress) कई विपक्षी दल इस समय ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं और अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन (Protests) कर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हालांकि TVK ने इस मांग का समर्थन नहीं किया है। पार्टी का कहना है कि किसी एक व्यक्ति को पद से हटाने से व्यवस्था में बदलाव नहीं आएगा। इसके साथ ही पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी (SIR) का विरोध जारी रहेगा।
यह मामला चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बीच सामने आया है। दी गई जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने पिछले 10 महीनों में SIR की प्रक्रिया को लेकर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई थी। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तथा इस्तीफे की मांग तेज कर दी। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर, TVK ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को उचित समाधान नहीं माना है और अपना ध्यान SIR प्रक्रिया के विरोध पर बनाए रखने की बात कही है।
TVK के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु के स्कूली शिक्षा मंत्री ए राजमोहन ने पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाना किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति को हटाने से व्यवस्था में बदलाव नहीं आएगा और TVK किसी भटकाऊ रणनीति का हिस्सा नहीं बनेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी मतदाता सूची के SIR का विरोध जारी रखेगी। राजमोहन के मुताबिक, TVK अध्यक्ष विजय ने सत्ता में आने से पहले ही SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की थी। पार्टी का दावा है कि SIR के दौरान चुनिंदा मतदाताओं के नाम हटाए गए और यदि ऐसा नहीं हुआ होता तो विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत और बड़ी होती।
विजय और कांग्रेस के बीच मतभेद की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं। इससे पहले TVK नेताओं और मंत्रियों की ओर से वर्ष 2029 के लिए विजय को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताए जाने को लेकर विवाद हुआ था। उस समय कांग्रेस के मंत्रियों की ओर से कैबिनेट से इस्तीफा देने की धमकी तक सामने आई थी। मौजूदा स्थिति में कांग्रेस के पांच विधायक TVK सरकार को समर्थन दे रहे हैं और इनमें से दो विधायकों को विजय ने मंत्री बनाया है। इस बीच TVK ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन करने के बजाय SIR के विरोध को अपना स्पष्ट रुख बताया है।
दूसरी ओर, द्रमुक प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। 23 सितंबर को स्टालिन ने कहा था कि ज्ञानेश कुमार को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने SIR प्रक्रिया रोकने और पूरे मामले की निष्पक्ष तथा विस्तृत जांच की मांग भी की थी। द्रमुक ने कहा है कि वह इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं होने के बावजूद संसद में ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए लाए जाने वाले प्रस्ताव का समर्थन करेगी। पार्टी प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि जब भी विपक्षी दल किसी मुद्दे पर भाजपा का विरोध करेंगे, उनकी पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी। इस तरह ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के मुद्दे पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की मांग के बीच TVK ने अलग रुख अपनाया है, जबकि SIR के विरोध को लेकर पार्टी अपनी स्थिति पर कायम है।


