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परमाणु ऊर्जा पर केंद्र का बड़ा दांव, 6 परियोजनाओं के लिए मंजूर किए ₹13,355 करोड़

डेस्क: देश में परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) उत्पादन को बढ़ावा देने और बिजली की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा वित्तीय कदम उठाया है। परमाणु ऊर्जा मंत्रालय (Department of Atomic Energy) के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में निर्माणाधीन 6 परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹13,355 करोड़ की इक्विटी मंजूर की गई है। सरकार की ओर से स्वीकृत पूरी राशि का इस्तेमाल भी किया जा चुका है।
केंद्रीय परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के निर्माण और उन्हें शुरू करने में कई तकनीकी, आपूर्ति और वैश्विक परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियों के कारण देरी हुई है।

परियोजनाओं में देरी के पीछे कई कारण बताए गए हैं। जापान की फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना के बाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप डिजाइन में बड़े बदलाव करने पड़े। इसके अलावा जरूरी उपकरणों की आपूर्ति में देरी और कोविड-19 महामारी के कारण भी निर्माण प्रभावित हुआ।
मंत्रालय के अनुसार, रूस से उपकरणों की सप्लाई में दिक्कत, कोरोना के बाद ठेकेदारों के सामने आई वित्तीय परेशानी, कठिन मिट्टी की स्थिति और कुशल श्रमिकों की कमी ने भी परियोजनाओं की रफ्तार पर असर डाला। रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने भी आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित किया।
लगातार हो रही परियोजनाओं की समीक्षा
देरी से निपटने के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग और एनपीसीआईएल की ओर से परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को प्रोजेक्ट की प्रगति पर लगातार नजर रखने और सामने आ रही समस्याओं का समय रहते समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
वेंडर्स के साथ नियमित बैठकें की जा रही हैं ताकि निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। अधिकारियों को अतिरिक्त अधिकार देने के साथ निगरानी के लिए बोर्ड सब-कमेटी भी बनाई गई है।
एक साथ बड़े ऑर्डर से उपकरणों की कमी रोकने की तैयारी
भविष्य की परियोजनाओं में उपकरणों की आपूर्ति में देरी न हो, इसके लिए सरकार ने फ्लीट मोड में बड़े पैमाने पर एक साथ ऑर्डर देने की रणनीति अपनाई है। इससे कई रिएक्टरों के लिए जरूरी उपकरणों की खरीद और सप्लाई को पहले से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
6 परियोजनाओं से ग्रिड में आएगी 8,000 MW क्षमता
केंद्र सरकार के मुताबिक, इन छह निर्माणाधीन परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के क्रमिक रूप से शुरू होने के बाद देश की राष्ट्रीय बिजली ग्रिड में कुल 8,000 मेगावाट क्षमता जुड़ जाएगी।
सरकार को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता मजबूत होगी और देश के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को भी गति मिलेगी। साथ ही, परमाणु ऊर्जा से लगातार बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़ने पर भविष्य में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में भी मदद मिल सकती है।

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