डेस्क: बच्चों के पोषण की बात आती है तो लोग इस बात को लेकर बहुत सावधान रहते हैं कि उन्हें क्या खिलाया जाए और बड़ों की फ़िटनेस से जुड़ी सोच के कारण वे इस बात पर ध्यान नहीं दे पाते कि फ़ैट (वसा) उन पोषक तत्वों में से एक है जिनकी दो साल से कम उम्र के बच्चों को सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है। हाल ही में octor ने समझाया कि ऐसा क्यों है और बच्चों के लिए कौन-कौन से खाद्य पदार्थ सबसे अच्छे हैं।
बच्चे के दिमाग काे तेजी से बढ़ाता है फैट
डॉक्टर ने बताया- अगर आपका बच्चा दो साल से कम उम्र का है, तो फैट (वसा) एक ऐसा न्यूट्रिएंट है जिसे आप जान-बूझकर कम नहीं करना चाहेंगे, क्योंकि तेज़ी से विकसित हो रहे दिमाग में इसकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि ज़िंदगी के शुरुआती दो सालों में बच्चे का दिमाग बहुत तेज़ी से बढ़ता है। फैट दिमाग की कोशिकाओं की झिल्ली (मेम्ब्रेन) बनाने और माइलिनेशन में मदद करता है। माइलिनेशन वह प्रक्रिया है जिसमें नर्व फाइबर को माइलिन की सुरक्षात्मक परत से ढका जाता है। इससे दिमाग के सिग्नल आसानी से और तेज़ी से पहुंच पाते हैं।
ये चीजें करें बच्चे की डाइट में शामिल
डॉक्टर के अनुसार कुछ खास तरह के फैट बहुत ज़रूरी होते हैं, जैसे ओमेगा-3 (जिसमें DHA शामिल है), जो दिमाग और आंखों के विकास में मदद करते हैं। हालांकि बच्चे के खाने में फैट शामिल करना ज़रूरी है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर खाने में बहुत ज़्यादा मक्खन मिलाना शुरू कर दिया जाए। उम्र के हिसाब से सही और नैचुरली फैट देने वाले अलग-अलग तरह के खाने पर ध्यान दें, जैसे एवोकाडो, अंडे, फुल-फैट दही, और नट्स या बीजों का बटर, जिन्हें उनकी उम्र के हिसाब से सुरक्षित तरीके से तैयार किया गया हो। बच्चों के लिए फैट के दूसरे अच्छे स्रोतों में ऑलिव ऑयल और कम-मर्करी वाली फैटी मछली, जैसे सैल्मन, शामिल हैं।
कैसे काम करता है फैट?
फैट उन झिल्लियों (मेम्ब्रेन) को बनाता है जो शरीर की सभी सेल्स को घेरे रहती हैं। यह कंट्रोल करने में मदद करता है कि आपकी सेल्स के अंदर क्या जाता है और बाहर क्या आता है, जिससे न्यूट्रिएंट्स अंदर जा पाते हैं और वेस्ट बाहर निकल पाते हैं। फैट दिमाग और नर्व सेल्स का एक ज़रूरी हिस्सा है। यह दिमाग के हेल्दी विकास और बढ़ोतरी के लिए ज़रूरी है, खासकर बचपन से लेकर किशोरावस्था तक। जैसे-जैसे बच्चे टीनएजर बनते हैं, फैट उन सेक्स हार्मोन के लिए बिल्डिंग ब्लॉक का काम करता है जो प्यूबर्टी (यौवन) के दौरान बहुत ज़रूरी होते हैं। फैट से भरपूर खाना बच्चों के बढ़ते शरीर के लिए एनर्जी का एक अच्छा स्रोत है। फैट उन्हें स्कूल, खेलने-कूदने और स्पोर्ट्स के दौरान एनर्जी देता है।
बच्चों को कितने फैट की ज़रूरत होती है?
बच्चों के शरीर और दिमाग का विकास बहुत तेज़ी से होता है, खासकर बचपन की शुरुआत से लेकर किशोरावस्था तक। स्वस्थ विकास के लिए फैट बहुत ज़रूरी है, और बड़ों की तुलना में बच्चों को अपने खाने में ज़्यादा फैट की ज़रूरत होती है। 1 से 3 साल की उम्र के बच्चों को अपनी रोज़ाना की कैलोरी का 30% से 40% हिस्सा फैट से मिलना चाहिए। इस उम्र में दिमाग के सामान्य विकास के लिए फैट बहुत ज़रूरी है। आपको शिशुओं या 2 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सैचुरेटेड फैट को सीमित करने की ज़रूरत नहीं है। 3 से 18 साल की उम्र के बच्चों को अपनी रोज़ाना की कैलोरी का 25% से 35% हिस्सा फैट से मिलना चाहिए। 10% से कम हिस्सा सैचुरेटेड फैट से और जितना हो सके उतना कम हिस्सा ट्रांस फैट से आना चाहिए। उनकी फैट से मिलने वाली कैलोरी का ज़्यादातर हिस्सा अनसैचुरेटेड फैट से आना चाहिए।


