अन्य

मिशन शक्तिसैट: 108 देशों की 12 हजार छात्राओं ने मिलकर बनाया सैटेलाइट.. बना विश्व रिकॉर्ड

डेस्क: एयरोस्पेस स्टार्टअप ‘स्पेस किड्ज इंडिया’ (Aerospace startup ‘Space Kidz India’) के नेतृत्व में संचालित ‘मिशन शक्तिसैट’ (‘Mission ShaktiSat’) ने एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। वर्ल्ड रिकॉर्ड्स यूनियन ने इसे किसी महिला अंतरिक्ष शिक्षा कार्यक्रम में सबसे अधिक राष्ट्रीयताओं के प्रतिनिधित्व के रूप में प्रमाणित किया है।

12 हजार छात्राओं ने मिलकर तैयार किया 12-यू क्यूबसैट
इस ऐतिहासिक मिशन के तहत दुनिया भर के 108 देशों की लगभग 12,000 छात्राओं को एक साथ जोड़कर एक सैटेलाइट 12-यू क्यूबसैट का निर्माण किया गया है। चेन्नई स्थित स्टार्टअप का मिशन शक्तिसैट के जरिये मुख्य उद्देश्य केवल क्लासरूम तक सीमित न रहकर लड़कियों को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव देना है।

14 से 18 वर्ष की छात्राओं को मिली 120 घंटे से अधिक की ट्रेनिंग
14 से 18 वर्ष की छात्राओं को अंतरिक्ष प्रणालियों, सैटेलाइट इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल फैब्रिकेशन और पेलोड इंटीग्रेशन जैसी जटिल तकनीकों की 120 से अधिक घंटों की मुफ्त ऑनलाइन और व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई है।
108 देशों की छात्र टीमों ने मिलकर किया काम
इस सैटेलाइट के निर्माण में भारत के अलावा अमेरिका, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड, मिस्र, लातविया और फिलीपींस जैसे 108 देशों की छात्र टीमों और संस्थानों ने एक साथ मिलकर काम किया है। स्पेस किड्ज इंडिया की संस्थापक डॉ. शकेसन ने बताया, 150 करोड़ रुपये के बजट वाले मिशन को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), इन-स्पेस और यूके के मेरिडियन स्पेस कमांड का समर्थन प्राप्त है।

11 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा से होगा सैटेलाइट का प्रक्षेपण
सैटेलाइट को 11 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के दिन श्रीहरिकोटा लॉन्च सेंटर से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। लो अर्थ ऑर्बिट में जाने वाले इस सैटेलाइट का एक मॉडल भविष्य में चांद की कक्षा में भी भेजा जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *