पटना: बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर उठे कानूनी सवालों के बीच उन्हें राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, एनडीए में बीजेपी के विधान परिषद सदस्य (MLC) देवेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। माना जा रहा है कि उनके इस्तीफे के बाद खाली होने वाली सीट से दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजा जा सकता है, जिससे उनका मंत्री पद बरकरार रह सके।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बिहार सरकार से पूछा है कि विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बने बिना छह महीने से अधिक समय तक दीपक प्रकाश मंत्री पद पर कैसे बने हुए हैं। अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 27 अगस्त को तय की है।
संविधान के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी मंत्री को नियुक्ति के छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होता है। इसी नियम को लेकर दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर सवाल उठाए गए हैं।
इसी बीच खबर है कि राज्यपाल मनोनीत कोटे से मार्च 2021 में एमएलसी बने देवेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उनका कार्यकाल मार्च 2027 तक था, लेकिन यदि वे इस्तीफा देते हैं तो उस सीट पर दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने का रास्ता खुल सकता है।
अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और एनडीए की राजनीतिक रणनीति पर टिकी हैं। यदि यह फैसला होता है, तो दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर बने रहने की राह आसान हो सकती है।
आशुतोष झा

