इन 800 प्रशिक्षित स्वयंसेवकों के बल पर हमारे समाज में आपदा न्यूनीकरण कार्य में निश्चय ही मिलेगी सफलता- प्रो पुष्पम नारायण
लिखित परीक्षा, भाषण, अनुशासन एवं गीत-नृत्य के आधार पर अमृत- प्रथम, सत्यम- द्वितीय एवं ताइबा फातिमा ने पाया तृतीय स्थान
दरभंगा:ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी के दिशा-निर्देश में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना के सौजन्य से राष्ट्रीय सेवा योजना कोषांग के तत्त्वावधान में दरभंगा जिला के विभिन्न कॉलेजों के 200 स्वयंसेवकों का तृतीय सात दिवसीय “युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण शिविर” संपन्न हुआ। एमआरएम कॉलेज, दरभंगा की प्रभारी प्रधानाचार्य प्रो पुष्पम नारायण- अध्यक्ष, भू-संपदा पदाधिकारी डॉ कामेश्वर पासवान- सम्मानित अतिथि, एसडीआरएफ, बिहटा, पटना के आपदा-प्रशिक्षक रूपेश कुमार पासवान- मुख्य वक्ता, शिविर संयोजक डॉ आर एन चौरसिया- स्वागत कर्ता एवं शिविर-प्रतिवेदन प्रस्तुत कर्ता, डॉ युगेश्वर साह- धन्यवाद कर्ता तथा अक्षय कुमार झा ने संचालक के रूप में अपने विचार व्यक्त किये। शिविर में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को शैक्षणिक किट, आपदा प्रबंधन किट तथा प्रमाण पत्र आदि प्रदान किए गए। वहीं कुलपति के आदेशानुसार 200 स्वयंसेवकों में से लिखित परीक्षा, अनुशासन, संभाषण एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति आदि के आधार पर 10% अर्थात 20 सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवकों का चयन किया गया, जिनमें अमित कुमार- प्रथम, सत्यम कुमार मलिक- द्वितीय तथा ताइबा फातिमा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जिन्हें प्रमाण पत्र तथा रैंक युक्त मोमेंटो प्रदान किया गया। वहीं कृष्ण कुमार चौधरी ने 4था, अर्णव राज ने 5वां, अंकित कुमार ने 6ठा, मेहविश फरहीन ने 7वां, प्रिंस कुमार ने 8वां, अविनाश कुमार ने 9वां, विकास कुमार ने 10वां, अमरनाथ ठाकुर ने 11वां, अभिजीत कुमार ने 12वां, कृष्णनंदन सहनी ने 13वां, जोहा फातिमा ने 14वां, औरंगजेब आलम ने 15वां, पूजा कुमारी ने 16वां, सुभाष चन्द्र माली ने 17वां, प्रकाश साह ने 18वां, चांदनी कुमारी ने 19वां तथा मानसी कुमारी ने 20वां स्थान प्राप्त किया, जिन्हें अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो आदि से सम्मानित किया गया, जबकि शेष बाकी 180 प्रशिक्षुओं को भी आयोजक द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
समारोह का प्रारंभ राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान से तथा समापन राष्ट्रगान से हुआ। अतिथियों का स्वागत पाग, चादर एवं मोमेंटो आदि से किया गया। समारोह में शिविर-संयोजक डॉ आर एन चौरसिया, एसडीआरएफ के सभी प्रशिक्षक, डॉ योगेश्वर साह, डॉ उदय कुमार, डॉ सोनू राम शंकर, मुजफ्फरपुर से आए सुधांशु कुमार, मुकेश कुमार झा, मणिकांत ठाकुर, प्रशांत कुमार, अक्षय कुमार झा, मंजीत कुमार चौधरी, वैभव झा, अंकिता, विकास कुमार, संजीव कुमार, अमित कुमार झा, रवीन्द्र कुमार सिंह, सुमित कुमार, संजय कुमार, संजीव कुमार आदि ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो पुष्पम नारायण ने प्रशिक्षण में शामिल स्वयंसेवकों को बधाई एवं शुभकामना देते हुए कहा कि स्वयंसेवक समाजसेवा के प्रतिमूर्ति होते हैं। इन प्रशिक्षित स्वयंसेवकों के बल पर हमारे समाज में आपदा न्यूनीकरण कार्य में निश्चय ही सफलता मिलेगी।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपदा के समय ये सभी प्रशिक्षित स्वयंसेवक हमेशा समाज की रक्षा के लिए खड़े रहेंगे। हमें अपने में मानवता एवं संवेदनशीलता जागृत रखने की जरूरत है, ताकि हम जरूरतमंदों की समय पर मदद कर सके।
प्रशिक्षक रूपेश कुमार पासवान ने कहा कि हम आपदा को रोक नहीं सकते हैं, परंतु प्रशिक्षित होकर उसे कम जरुर कर सकते हैं। इन प्रशिक्षणों से राहत एवं पुनर्वास कार्य के लिए प्रशिक्षित युवा मानव संसाधन तैयार किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण से आपदा पूर्व तैयारी की संस्कृति भी विकसित होगी। कहा कि प्रशिक्षण के बाद हमारे ‘युवा आपदा मित्र’ यदि समाज कल्याण के लिए कार्य करेंगे तो हमें काफी प्रसन्नता होगी। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक अनुशासित रूप में खुलकर प्रश्न भी पूछा, क्योंकि हमारा वर्ग टू-वे रहा है। सम्मानित अतिथि डॉ कामेश्वर पासवान ने कहा कि छात्रों को इस एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी में सहभागिता के माध्यम से काफी व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ है। यह स्वयंसेवकों के लिए रोजगारोन्मुखी एवं समाजोपयोगी प्रशिक्षण है, जिसका छात्रों के पूरे जीवन में उपयोगिता बनी रहेगी।
शिविर प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए डॉ आर एन चौरसिया ने कहा कि प्रशिक्षण शिविर में छात्रों को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दोनों ज्ञान दिए जा रहे हैं, जिनसे उनमें आपदा प्रबंधन के कौशल का विकास हो रहा है। इससे युवाओं में आत्मविश्वास, साहस एवं त्वरित निर्णय क्षमता का विकास होगा। कहा कि इन आवासीय प्रशिक्षण शिविरों आयोजन से समाज में भी आपदाओं के प्रति जागरूकता एवं कुशलता में वृद्धि हो रही है।
शिविर संयोजक डॉ आर एन चौरसिया ने बताया कि अब तक तीन बैचों में 600 स्वयंसेवक प्रशिक्षित किया जा चुके हैं, जबकि 16 से 22 सितंबर, 2026 के बीच आयोजित होने वाले अंतिम शिविर में 200 स्वयंसेवकों के प्रशिक्षित होने पर मिथिलांचल के तीन जिले- दरभंगा, समस्तीपुर एवं मधुबनी में कुल 800 “प्रशिक्षित युवा आपदा मित्र” तैयार हो जाएंगे। वरिष्ठ स्वयंसेवक अक्षय कुमार झा के कुशल संचालन में आयोजित समापन समारोह में धन्यवाद ज्ञापन डॉ योगेश्वर साह ने किया।


