दरभंगा:ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातकोत्तर वाणिज्य विभाग में बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन, दरभंगा शाखा के तत्वावधान में आयोजित मेगा वाद-विवाद प्रतियोगिता पक्ष में विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग के उत्पल झा- प्रथम, राजनीति विभाग के अनीश कुमार- द्वितीय, सीएम कॉलेज की जोया परवीन- तृतीया एवं मारवाड़ी समाज के वेद मित्तल ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। वहीं विपक्ष में विश्वविद्यालय अर्थशास्त्र विभाग के आदित्य कुमार- प्रथम, मारवाड़ी समाज के श्रेया वर्मा- द्वितीय एवं छवि चौधरी- तृतीय तथा जन्तु विज्ञान विभाग की प्रिया कुमारी ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया, जिन्हें आयोजक की ओर से रैंक प्रमाण पत्र, मेडल सहित अनेक उपहारों से सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता में सीएम कॉलेज, सीएम साइंस कॉलेज, एमआरएम कॉलेज, तथा एमएलएसएम कॉलेज के स्नातकोत्तर के दो-दो छात्र-छात्रा क्रमशः पक्ष एवं विपक्ष में और विश्वविद्यालय हिन्दी, संस्कृत, मैथिली, अंग्रेजी, उर्दू, दर्शनशास्त्र, गणित, राजनीति विज्ञान, भूगोल, मारवाड़ी समाज, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, जन्तु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, वाणिज्य, इतिहास, एआईएच एण्ड सी, डब्लूआईटी, लाइब्रेरी विज्ञान आदि के साथ 60 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पक्ष एवं विपक्ष में भाग लिया।
वाद-विवाद प्रतियोगिता के टॉपिकों में “कृत्रिम बुद्धिमत्ता : मानवता हेतु वरदान, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म प्रतिबंधित हो, परंपरागत क्लास रूम एवं डिजिटल शिक्षा, जलवायु परिवर्तन की जिम्मेदारी सरकार की, समाजसेवा ही सर्वोत्तम धर्म है, क्या तकनीक मानवीय मूल्य का स्थान ले सकती है, मतदान अनिवार्य किया जाना चाहिए, एक राष्ट्र- एक चुनाव : समय की मांग, भारत को पर्यावरण की अपेक्षा विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए, आरक्षण नीति में बदलाव, भारतीय युवा देश का नेतृत्व करने को तैयार, एकल परिवार से संयुक्त परिवार बेहतर, अनुशासन स्वतंत्रता से अधिक महत्वपूर्ण, सफलता योग्यता की अपेक्षा कड़ी मेहनत पर निर्भर है, किताबें तकनीकी से बेहतर शिक्षक हैं, मोबाइल फोन स्कूल में स्वीकृत हो, अंक बुद्धिमत्ता को परिभाषित नहीं करते हैं आदि शामिल हैं।
निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ आर एन चौरसिया ने वाद- विवाद प्रतियोगिता को अद्वितीय, अविस्मरणीय एवं ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि डिबेट के विषयों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय सभी समस्याओं एवं मुद्दों को शामिल किया गया है जो विशेष रूप से युवा, महिला, बच्चे, वृद्ध आदि से संबंधित हैं। उन्होंने अधिकांश प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि प्रतियोगिता में यद्यपि कुछ प्रतिभागी जीते जरुर हैं, पर बाकी सभी काफी सीखते हैं। डॉ नीतू कुमारी ने कहा कि इतनी लंबी प्रतियोगिता के बाद भी आयोजक एवं प्रतिभागी धैर्य के साथ लग रहे। यदि संभव हो तो संस्था मेधावी एवं गरीब छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना भी चलाएं।
डॉ प्रियंका राय ने आयोजक को विश्वविद्यालय की ओर से धन्यवाद देते हुए कहा कि मारवाड़ी समाज का उद्देश्य हमेशा मानव कल्याण रहा है। डॉ ललित शर्मा ने कहा कि आयोजकों की तैयारी एवं प्रतिभागियों का प्रदर्शन हम लोगों की उम्मीद से ज्यादा बेहतर हुआ। डॉ निर्मला कुशवाह ने छात्रों को सलाह दी कि वे एआई का मदद जरूर लें, पर उसे अच्छे से समझे और अपने विचार एवं सोच के अनुरूप आत्मसात भी करें। निर्णायक मंडल के छठे सदस्य पंकज कुमार श्रीवास्तव ने छात्रों से ऐसे प्रदर्शनों के समय अपने वेशभूषा एवं बॉडी लैंग्वेज को बेहतरीन करने पर बल दिया।
बिहार प्रदेशिक मारवाड़ी सम्मेलन, दरभंगा शाखा के अध्यक्ष विनोद कुमार सरावगी ने वाद-विवाद प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रतिभागियों से कहा कि वे समाज के आदर्श एवं प्रतिनिधि हैं। उन्होंने अपनी संस्था की ओर से आश्वासन दिया कि भविष्य में वे छात्र-छात्राओं के लिए और बेहतर कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

