दरभंगा,।कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा ‘माई भारत’ (MY Bharat) पोर्टल पंजीकरण अभियान का आयोजन किया गया। यह अभियान राष्ट्रीय सेवा योजना, क्षेत्रीय निदेशालय, पटना के आदेश के आलोक में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम प्रो. दिलीप कुमार झा, स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष प्रो. पुरेंद्र बारिक, डॉ. सीताचरण झा, डॉ. रामनिहोरा राय, डॉ. ध्रुव कुमार मिश्र, डॉ. संतोष कुमार पासवान तथा डॉ. धीरज कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. सुधीर कुमार के निर्देशन में किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि “माई भारत पोर्टल पर पंजीकरण प्रत्येक युवा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके माध्यम से युवाओं को विभिन्न प्रशिक्षण, स्वयंसेवी गतिविधियों, नेतृत्व विकास, कौशल उन्नयन तथा सरकारी एवं सामाजिक अवसरों का लाभ प्राप्त हो सकता है।”
कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. साधना शर्मा ने विद्यार्थियों को माई भारत पोर्टल पर पंजीकरण की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि सबसे पहले mybharat.gov.in वेबसाइट पर जाकर Register विकल्प का चयन करना होता है। इसके बाद मोबाइल नंबर अथवा ई-मेल आईडी के माध्यम से ओटीपी द्वारा सत्यापन किया जाता है। सत्यापन के पश्चात नाम, पता, शैक्षणिक संस्थान, विश्वविद्यालय, युवा वर्ग सहित आवश्यक जानकारी भरकर Submit करने पर पंजीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण हो जाता है। इस अवसर पर डॉ. संतोष कुमार पासवान ने कहा कि आज के युवाओं को डिजिटल मंचों से जुड़कर अपने व्यक्तित्व विकास एवं राष्ट्र निर्माण के अवसरों का अधिकाधिक लाभ उठाना चाहिए। माई भारत पोर्टल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम में डॉ. निशा ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पंजीकरण के दौरान आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराते हुए कहा कि सही जानकारी के साथ किया गया पंजीकरण युवाओं को अनेक राष्ट्रीय कार्यक्रमों और गतिविधियों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है।
विश्वविद्यालय के पी आर ओ डॉ. निशिकांत सिंह ने जानकारी दी कि यह अभियान राष्ट्रीय सेवा योजना, क्षेत्रीय निदेशालय, पटना के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालय के अधिकाधिक विद्यार्थियों को माई भारत पोर्टल से जोड़कर उन्हें राष्ट्र निर्माण एवं युवा विकास से संबंधित कार्यक्रमों में सहभागिता के लिए प्रेरित करना है।

