डेस्क: मिडिल-ईस्ट (Middle East) में ईरान (Iran) और अमेरिका (US) के बीच जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और ईरानी सेना ने कुवैत और बहरीन में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले किए हैं. इस बीच अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने भी 20 जुलाई की रात ईरान पर जमकर एयरस्ट्राइक की.
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने कुवैत में अमेरिकी रडार, संचार और सैटेलाइट सुविधाओं को निशाना बनाया है. इसके अलावा कुवैत के ‘अली अल सालेम’ एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन के हैंगर पर भी हमला किया गया है.
ईरानी सेना के मुताबिक, कुवैत स्थित ‘कैंप आरिफजान’ में अमेरिकी मिसाइल सिस्टम पर हमला बोला गया है. IRGC की मानें तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दक्षिणी मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों में बड़े धमाके के बाद आग लग गई. वहीं ओमान के तट के पास भी एक टैंकर को निशाना बनाए जाने की खबर है.
बहरीन में अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला
उधर बहरीन में भी IRGC ने बड़ा हमला करते हुए मुहर्रक में अमेरिकी रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया. बहरीन के ‘रिफा’ क्षेत्र में तैनात अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम पर भी मिसाइल और ड्रोन दागे गए हैं.
ईरान के इन हमलों के खिलाफ कतर ने कड़ा रुख अपनाया है. कतर ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद को पत्र भेजकर अपने देश पर हुए ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है. कतर ने ईरान से इन हमलों से हुए तमाम नुकसान के मुआवजे की भी मांग की है.

