डेस्क: सारण जिले के विकास को एक नई ऊंचाई देते हुए सोनपुर आयोजना क्षेत्र प्राधिकार के दूसरे विस्तार प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया है. सोमवार को बुद्ध मंदिर में जिला पदाधिकारी (डीएम) वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हितधारकों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई. पूर्व में आम जनता से प्राप्त सभी दावा-आपत्तियों के सफलतापूर्वक तकनीकी निराकरण के बाद बुलाई गई इस बैठक में मकेर और अमनौर प्रखंडों को भी इस वृहद आयोजना क्षेत्र में शामिल करने की अंतिम मंजूरी दी गई.
800 वर्ग किमी होगा दायरा
अब इस स्वीकृत प्रस्ताव को अंतिम गजट अधिसूचना के लिए बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजा जाएगा. सक्षम स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद मकेर और अमनौर को मिलाकर सोनपुर आयोजना क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल लगभग 800 वर्ग किलोमीटर (सटीक रूप से 798.94 वर्ग किमी) हो जाएगा. इसके अंतर्गत कुल 575 राजस्व ग्राम और 3 शहरी प्रशासनिक इकाइयाँ पूरी तरह शामिल होंगी. इस ऐतिहासिक विस्तार के साथ ही यह संपूर्ण बिहार के सबसे बड़े आयोजना क्षेत्रों की विशिष्ट सूची में शीर्ष पर शामिल हो जाएगा.
पहले भी बढ़ा था दायरा
बता दें कि वर्ष 2023 में पहली बार अधिसूचित इस विशेष क्षेत्र का दायरा वर्ष 2025 में बढ़ाकर करीब 600 वर्ग किमी किया गया था, जिसमें दरियापुर, दिघवारा, सोनपुर, गड़खा और परसा प्रखंड शामिल थे. अब विकास की रफ्तार तेज करने के लिए इसमें 200 वर्ग किमी का अतिरिक्त क्षेत्र और जोड़ दिया गया है. बैठक में ऑनलाइन माध्यम से दिल्ली से जुड़े सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने इस विज़न की सराहना करते हुए कहा कि यह विस्तारित क्षेत्र भविष्य में “नया पटना” के रूप में तेजी से विकसित होगा.
किसानों के हितों का ध्यान
सांसद ने विशेष जोर दिया कि इस महा-आयोजना को धरातल पर उतारते समय हमारे स्थानीय अन्नदाताओं (किसानों) के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा और औद्योगिक विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी. बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नए क्षेत्रों के नक्शे और बुनियादी ढांचे के विकास की योजना का प्रारूप शीघ्र तैयार करें ताकि स्वीकृतियों के बाद काम शुरू किया जा सके.

