विनीता का कबूलनामा–
‘मुझसे 100 रुपए मांगे। मेरे पास सिर्फ 50 रुपए थे। मैंने उसमें से 20 रुपए दे दिए। इस पर पति ने बैट्री-लाइट तोड़ दी। सब्जी फेंक दी। मैंने पड़ोस से 50 रुपए उधार मांगे, 50 रुपए खुद से मिलाकर पति को दिए। पति 100 रुपए की दारू ले आया। दारू पीकर हमें फिर से बेइज्जत किया। पति जब दारू पीकर सो गया, हमने सोते वक्त पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।’

