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डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता की ओर भारत की बड़ी छलांग, देश में बनेंगे T-90 और सुखोई के उपकरण

डेस्क: भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (Self-reliance in India’s defence sector) को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने रक्षा उपकरणों के स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देने के लिए छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची (PIL) जारी की है। इसमें 405 रक्षा उत्पादों को शामिल किया गया है। अब इन सामानों की खरीद भारतीय कंपनियों से की जाएगी और निर्धारित समयसीमा के बाद इनके विदेश से आयात की अनुमति नहीं होगी।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस छठी सूची में शामिल वस्तुओं का अनुमानित कारोबार मूल्य करीब 3,070 करोड़ रुपये है। इनका इस्तेमाल हेलीकॉप्टर, लड़ाकू विमान, टैंक, रडार, मिसाइल और युद्धपोत जैसे प्रमुख रक्षा प्लेटफॉर्म में किया जाता है।
T-90 से लेकर सुखोई तक के उपकरण होंगे स्वदेशी
नई सूची में SU-30MKI, T-72, T-90 और BMP-II जैसे प्रमुख सैन्य प्लेटफॉर्म के उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH), लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH), लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) और AL-31FP इंजन से जुड़े उपकरणों को भी सूची में जगह दी गई है।
मिसाइल प्रणालियों में कोंकर्स-एम, इन्वार और एमआरएसएएम से संबंधित विभिन्न उपकरण शामिल हैं। युद्धपोतों और भारतीय तटरक्षक बल से जुड़े सामानों का भी स्वदेशीकरण किया जाएगा।
405 वस्तुओं में 389 DPSU से संबंधित
रक्षा मंत्रालय की छठी सूची में शामिल 405 वस्तुओं में 16 भारतीय तटरक्षक बल से संबंधित हैं, जबकि 389 वस्तुएं रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSU) से जुड़ी हैं। इनमें लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स, सब-सिस्टम, सब-असेंबली, स्पेयर पार्ट्स, कंपोनेंट्स और कच्चा माल शामिल हैं।
हर वस्तु के स्वदेशीकरण के लिए एक संकेतात्मक समयसीमा भी निर्धारित की गई है। इन सामानों की खरीद भारतीय रक्षा उद्योग से करने की योजना है। स्वदेशी उत्पादन में सरकारी रक्षा कंपनियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र, MSME और स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

पांच सूचियों में पहले ही 5 हजार से ज्यादा उपकरण
रक्षा मंत्रालय इससे पहले पांच सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां जारी कर चुका है। इनमें कुल 5,012 रक्षा उपकरणों को शामिल किया गया था। अब छठी सूची के 405 उत्पादों को जोड़ने के बाद देश में रक्षा सामग्री के घरेलू उत्पादन का दायरा और व्यापक होगा।
पांच साल में 15,700 से ज्यादा वस्तुओं का स्वदेशीकरण
सरकार के अनुसार, पिछले पांच वर्षों के दौरान 15,700 से अधिक रक्षा वस्तुओं का सफलतापूर्वक स्वदेशीकरण किया जा चुका है। इससे करीब 9,000 करोड़ रुपये के आयात में कमी आने का अनुमान है।
इसके अलावा मार्च 2026 तक रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने घरेलू विक्रेताओं को करीब 10,000 करोड़ रुपये के खरीद ऑर्डर दिए हैं। सरकार का मानना है कि इससे भारतीय रक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी और देश की विदेशी रक्षा सामग्री पर निर्भरता कम होगी।
MSME और स्टार्टअप्स को भी मिल रहा मौका
रक्षा उत्पादन विभाग ने स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए अगस्त 2020 में सृजन रक्षा पोर्टल शुरू किया था। इस प्लेटफॉर्म के जरिए रक्षा सार्वजनिक उपक्रम और सैन्य मुख्यालय स्वदेशी विकास और उत्पादन के लिए उद्योग जगत, MSME और स्टार्टअप्स के साथ जरूरी जानकारी साझा करते हैं।
नई सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची को इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसका लक्ष्य न केवल रक्षा आयात घटाना है, बल्कि भारत को रक्षा उपकरणों के निर्माण और आपूर्ति का मजबूत वैश्विक केंद्र बनाना भी है।

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