डेस्क:लखनऊ । उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2026 का शनिवार को तीसरा और अंतिम दिन है। प्रदेशभर के साथ प्रयागराज में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा आयोजित की जा रही है। जिले के 53 परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। अंतिम दिन प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोजित की जा रही है। सुबह 7:15 बजे से 8:45 बजे तक परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया, जबकि परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक पाली में संपन्न होगी। प्रदेशभर में अंतिम दिन 3,78,655 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड की जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन, रेटिना स्कैन और पहचान पत्र का मिलान किया गया। प्रत्येक केंद्र पर पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और अन्य अधिकारियों की तैनाती की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या नकल की संभावनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
प्रयागराज के एक अभ्यर्थी ने बताया, “मैं उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा देने आया हूं। यहां सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी है और सभी इंतजाम अच्छे हैं। जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।”
वहीं, महराजगंज जिले में भी परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित की जा रही है। जिले में 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां पांच पालियों में कुल 37,814 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार सभी केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। मुख्य द्वार पर पुलिस द्वारा तलाशी, उसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन, प्रवेश पत्र की स्कैनिंग और पहचान पत्र के मिलान के बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया।
बता दें कि परीक्षा के पहले दो दिनों में प्रदेशभर में कुल 26 फर्जी परीक्षार्थी (सॉल्वर) पकड़े गए। पहले दिन 15 और दूसरे दिन 11 संदिग्ध अभ्यर्थियों को दूसरे उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देते हुए गिरफ्तार किया गया। प्रशासन का कहना है कि अंतिम दिन भी सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके।

