डेस्क:मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गुरुवार को मानसून ने प्रदेश के सभी जिलों को कवर कर लिया। राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में दिनभर तेज बारिश हुई, जबकि दमोह में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। ग्वालियर, रीवा, सीहोर, रतलाम और पांढुर्णा में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।इस बार मानसून ने 24 जून को प्रदेश में प्रवेश किया था और करीब नौ दिन में पूरे मध्य प्रदेश में फैल गया। हालांकि, इसकी एंट्री सामान्य समय से करीब नौ दिन देरी से हुई।
प्रदेश में अब तक औसतन 100.2 मिमी (करीब 4 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 139.7 मिमी होती है। यानी अब तक प्रदेश में 28 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी और मानसून की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
मौसम विभाग ने हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं अशोकनगर, देवास, खंडवा, बैतूल, सागर, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, राजगढ़, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, आगर-मालवा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 5 जुलाई तक कई जिलों में भारी और अति भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 3 जुलाई को धार और बड़वानी, जबकि 4 जुलाई को खरगोन में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

