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कटप्पा के वार के बाद क्या हुआ बाहुबली के साथ? ‘द एटर्नल वॉर’ में खुलेंगे अमरेंद्र की अधूरी कहानी के नए रहस्य

डेस्क: भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) की सबसे लोकप्रिय फ्रेंचाइजी (Franchise) में शामिल ‘बाहुबली (Baahubali)’ अब एक नए और अलग अंदाज में दर्शकों के सामने आने की तैयारी में है। जहां एक ओर तीसरे भाग को लेकर चर्चाएं तेज हैं, वहीं दूसरी ओर ‘बाहुबली: द एटर्नल वॉर (Baahubali: The Eternal War)’ नाम से बनने वाली एनिमेटेड फिल्म (Animated Film) ने प्रशंसकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। यह फिल्म अमरेंद्र बाहुबली की मृत्यु के बाद की यात्रा को केंद्र में रखेगी और उनकी कहानी को एक नए पौराणिक संसार में आगे बढ़ाएगी।
फिल्म का निर्देशन ईशान शुक्ला कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह परियोजना दो भागों में तैयार की जा रही है और इसकी कहानी अमरेंद्र बाहुबली के परलोक में प्रवेश के बाद शुरू होगी। फिल्म में उनकी आत्मा एक ऐसे दिव्य उद्देश्य की ओर अग्रसर होती दिखाई जाएगी, जिसे ‘देवासुर संग्राम’ के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस अवधारणा के माध्यम से दर्शकों को बाहुबली यूनिवर्स का ऐसा पक्ष देखने को मिलेगा, जो अब तक बड़े पर्दे पर नहीं दिखाया गया है।
निर्देशक के अनुसार इस विचार की शुरुआत तब हुई जब उन्होंने अपनी एक एनिमेशन परियोजना के दौरान बाहुबली फ्रेंचाइजी के निर्माताओं के साथ इस विषय पर चर्चा की। इसके बाद उन्होंने अमरेंद्र बाहुबली की मृत्यु के बाद की संभावित यात्रा पर आधारित एक विस्तृत कहानी तैयार की। इस अवधारणा को पसंद किए जाने के बाद इसे विकसित करने का काम शुरू हुआ और बाद में पूरी टीम ने मिलकर इसकी रूपरेखा को अंतिम रूप दिया।
ईशान शुक्ला का मानना है कि एनिमेशन ऐसा माध्यम है, जिसके जरिए परलोक, देवताओं और पौराणिक लोकों जैसे कल्पनाशील संसार को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है। भारतीय धार्मिक और पौराणिक परंपराओं में विभिन्न लोकों का उल्लेख मिलता है और इसी आधार पर फिल्म की कल्पना को विकसित किया गया है। उनका उद्देश्य केवल एक नई कहानी कहना नहीं, बल्कि बाहुबली के चरित्र को एक अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना भी है।
निर्देशक का कहना है कि अमरेंद्र बाहुबली का व्यक्तित्व आदर्श, त्याग और धर्म के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है। यही कारण है कि उनका चरित्र दर्शकों के बीच आज भी बेहद लोकप्रिय है। फिल्म में यह दिखाने का प्रयास किया जाएगा कि मृत्यु के बाद अमरेंद्र बाहुबली किन परिस्थितियों का सामना करते हैं, उनके सामने कौन-सी नई चुनौतियां आती हैं और उन्हें किस उद्देश्य के लिए चुना जाता है।
फिल्म की कहानी में उस अधूरे सवाल को भी प्रमुखता दी जाएगी, जिसने वर्षों से दर्शकों की उत्सुकता बनाए रखी है। अमरेंद्र बाहुबली अपने जीवन में यह कभी नहीं जान सके कि कटप्पा ने आखिर उन्हें क्यों मारा। इसी अधूरे सत्य और उसके भावनात्मक प्रभाव को नई कहानी में महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। फिल्म यह कल्पना करती है कि परलोक में पहुंचने के बाद बाहुबली किन विचारों और निर्णयों से गुजरते हैं।

निर्देशक ने बताया कि फिल्म का प्री-प्रोडक्शन पूरा हो चुका है और अब एनिमेशन का विस्तृत कार्य जारी है। चूंकि उच्च गुणवत्ता वाले एनिमेशन में लंबा समय लगता है, इसलिए पहले भाग को वर्ष 2027 में रिलीज करने का लक्ष्य रखा गया है। माना जा रहा है कि यह परियोजना भारतीय एनीमेशन और पौराणिक फैंटेसी शैली को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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