बिहार

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक केस: एसटीएफ ने हाजीपुर में साइबर कैफे पर मारा छापा, तीन लोग हिरासत में

डेस्क:पटना । महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के पेपर लीक मामले की जांच का दायरा बिहार तक बढ़ा दिया गया है। महाराष्ट्र स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने वैशाली पुलिस की सहायता से हाजीपुर के एक साइबर कैफे में देर रात छापेमारी की। कैफे संचालक समेत तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र एसटीएफ और ठाणे पुलिस की एक टीम ने वैशाली पुलिस के सहयोग से बुधवार रात हाजीपुर के कछड़ी रोड पर स्थित एक साइबर कैफे पर छापा मारा।
तलाशी अभियान गुरुवार को सुबह लगभग 1:00 बजे तक जारी रहा। इस दौरान जांचकर्ताओं ने परिसर के अंदर दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच की।
पुलिस ने बताया कि छापेमारी के बाद कैफे संचालक सोनू कुमार समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों से वर्तमान में महाराष्ट्र एसटीएफ द्वारा पूछताछ की जा रही है।
उपलब्ध जानकारी में उनकी गिरफ्तारी की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है और जांच जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ताओं ने अभियान के दौरान कई डिजिटल वस्तुएं और दस्तावेज बरामद किए।
जांच के हिस्से के रूप में इन सामग्रियों की फोरेंसिक जांच की जाएगी।
महाराष्ट्र पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “यह मामला महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा के पेपर लीक से जुड़ा है। हम इस मामले की जांच करने यहां आए थे। हमें कुछ संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।”
सोनू कुमार के बड़े भाई जितेंद्र कुमार ने बताया कि सोनू बुधवार की शाम को हाजीपुर के लिए रवाना हुआ था, लेकिन घर नहीं लौटा।
उनके अनुसार, सोनू की पत्नी ने परिवार को बताया कि वह अपना फोन नहीं उठा रहा था, जिसके चलते परिवार ने पूरी रात उसकी तलाश की और गुरुवार को पुलिस कार्रवाई के बारे में पता चला।
टीईटी पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र, बिहार और हरियाणा में पहले ही गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
पुलिस जांच में बिहार के समस्तीपुर जिले के निवासी बिजेंद्र गुप्ता को इस नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड बताया गया है।
गुप्ता का पता लगाने के प्रयास में जांचकर्ता कई राज्यों में छापेमारी कर रहे हैं।
इससे पहले, महाराष्ट्र एसटीएफ ने कथित पेपर लीक मामले की वित्तीय जांच के तहत पटना में उनकी पत्नी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।
महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा के लिए 428 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन 28 जून को निर्धारित परीक्षा से लगभग 24 घंटे पहले प्रश्न पत्र कथित तौर पर लीक होने के बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने परीक्षा रद्द कर दी।
महाराष्ट्र पुलिस की टीम बिहार में मामले की जांच जारी रखे हुए है, जबकि अधिकारियों का कहना है कि आगे की कार्रवाई चल रही जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों पर निर्भर करेगी।

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