उत्तर प्रदेश

राम मंदिर चढ़ावा मामला: लव कुश मिश्रा के मकान पर बुलडोजर एक्शन की अटकलों ने पड़ोसियों की बढ़ाई चिंता

डेस्क:अयोध्या । अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा मामले के आरोपी लव कुश मिश्रा के मकान पर संभावित बुलडोजर कार्रवाई की चर्चाओं के बीच पड़ोसियों में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन कार्रवाई करता है तो यह सुनिश्चित किया जाए कि आसपास के घरों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। लव कुश मिश्रा के पड़ोसी राजकुमार पांडे ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि जिस मकान को लेकर चर्चा हो रही है, उसका निर्माण इसी साल फरवरी के आखिर में शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में पुलिस और विकास प्राधिकरण के अधिकारी कई बार मौके पर आए और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। राजकुमार पांडे ने बताया, “यह लव कुश मिश्रा का मकान है। जब यहां मकान बनना शुरू हुआ था, तब भूमि पूजन और कथा का आयोजन भी हुआ था। निर्माण के दौरान बोरिंग के लिए पानी की जरूरत पड़ी थी, तब हमने अपने यहां से पानी उपलब्ध कराया था।”
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले पांच-छह अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। इनमें पुलिसकर्मी और विकास प्राधिकरण के अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने उनसे उनके मकान और प्लॉट नंबर के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने बताया कि जितनी जानकारी उन्हें थी, उन्होंने प्रशासन को दे दी।
राजकुमार पांडे ने कहा कि उन्हें लव कुश मिश्रा से ज्यादा व्यक्तिगत परिचय नहीं था। उनके अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान अधिकतर ठेकेदार और मजदूर ही वहां मौजूद रहते थे। कभी-कभार लव कुश मिश्रा या उनके पिता आते थे और काम की निगरानी करते थे। उन्होंने बताया कि आसपास के लोगों से उनका सीमित संपर्क था।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी समाचार माध्यमों से मिली। उन्होंने बताया कि खबरों के जरिए ही उन्हें पता चला कि लव कुश मिश्रा पर गबन का आरोप लगा है और वह राम मंदिर के कैश काउंटर पर गणना संबंधी ड्यूटी से जुड़े थे।
संभावित बुलडोजर कार्रवाई पर अपनी चिंता जताते हुए राजकुमार पांडे ने कहा कि यदि प्रशासन कोई कार्रवाई करता है तो उसे इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि आसपास के मकानों को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार और प्रशासन से सिर्फ यही मांग है कि अगर कोई कार्रवाई हो तो पड़ोस के घर सुरक्षित रहें। यदि कानूनी प्रक्रिया के तहत रिकवरी या कोई दूसरी कार्रवाई संभव है, तो उस पर भी विचार किया जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि फिलहाल बुलडोजर कार्रवाई को लेकर जो भी जानकारी मिल रही है, वह मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से ही मिल रही है। प्रशासन या विकास प्राधिकरण की ओर से उन्हें कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है।

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