राज्यसभा में अपने पहले कार्यकाल के दौरान बिहार से सांसद और जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा ने सक्रिय संसदीय भागीदारी के माध्यम से एक प्रभावशाली पहचान बनाई है। सदन में उनकी नियमित उपस्थिति, राष्ट्रीय औसत से अधिक प्रश्न पूछने की क्षमता और बिहार सहित राष्ट्रीय मुद्दों पर मुखर हस्तक्षेप उन्हें एक अध्ययनशील एवं जिम्मेदार सांसद के रूप में स्थापित करते हैं।
संसदीय रिकॉर्ड के अनुसार, संजय कुमार झा की उपस्थिति 92 प्रतिशत रही है, जबकि राज्यसभा का राष्ट्रीय औसत 79 प्रतिशत और बिहार के सांसदों का औसत 82 प्रतिशत है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि उन्होंने संसद की कार्यवाही को गंभीरता से लेते हुए लगभग हर महत्वपूर्ण अवसर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
सिर्फ उपस्थिति ही नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों को उठाने में भी उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। अब तक उन्होंने 132 प्रश्न पूछे हैं, जो राज्यसभा के राष्ट्रीय औसत से अधिक हैं। उनके प्रश्नों का दायरा व्यापक रहा है। उन्होंने आधारभूत संरचना, कृषि, शिक्षा, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, जल संसाधन, पर्यावरण और आर्थिक विकास जैसे विषयों पर सरकार से जवाब मांगा। बिहार से जुड़े मुद्दों में दरभंगा एम्स, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की मांग, रेलवे परियोजनाएं, जनऔषधि केंद्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, सिंचाई और कृषि विकास जैसे विषय प्रमुख रहे।
सदन की बहसों में भी उनकी भूमिका प्रभावी रही। केंद्रीय बजट, राष्ट्रपति के अभिभाषण, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह मंत्रालय और विभिन्न महत्वपूर्ण विधेयकों पर उन्होंने बिहार के हितों को मजबूती से रखा। उनके विचार और सुझाव कई नीतिगत चर्चाओं का हिस्सा बने, जिससे उनकी संसदीय तैयारी और विषयों पर पकड़ स्पष्ट दिखाई देती है।
मिथिला और उत्तर बिहार की सांस्कृतिक पहचान तथा विकास से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में भी संजय कुमार झा ने विशेष सक्रियता दिखाई। उन्होंने दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने, महाकवि विद्यापति के नाम पर उसका नामकरण, मखाना को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के दायरे में लाने, उत्तर बिहार में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना तथा तिरहुता (वैदेही) लिपि को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थान दिलाने जैसे विषयों को लगातार उठाया। इन प्रयासों ने मिथिला की सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजनीतिक विश्लेषकों की दृष्टि में संजय कुमार झा का संसदीय प्रदर्शन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है। उनकी सक्रिय उपस्थिति, तथ्यपरक प्रश्न, गंभीर बहसें और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर निरंतर पहल उन्हें राज्यसभा के सक्रिय सांसदों की श्रेणी में खड़ा करती है।
संसदीय रिपोर्ट कार्ड पर नजर डालें तो स्पष्ट होता है कि संजय कुमार झा ने अपने पहले कार्यकाल में “उपस्थिति, प्रश्नों और बहसों” तीनों पर प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। बिहार, विशेषकर मिथिला और उत्तर बिहार के विकास, सांस्कृतिक अस्मिता और जनहित के मुद्दों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक सजग, अध्ययनशील और परिणामोन्मुख जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित करती है।
रिपोर्ट : निशांत झा



It’s really appreciable efforts by Sanjay g.credit goes to the subject who framed questions of the raised issues.But it’s not mentioned that he is the incharge of how many committees.As his efficiency shows that he is having good hold of such committees.His attendance in all committee meetings is astonishing.