उत्तर प्रदेश

अयोध्या में कांग्रेस नेताओं की नजरबंदी पर सियासत तेज, पार्टी नेता बोले-डरी हुई है भाजपा सरकार

डेस्क:अयोध्या/नई दिल्ली । राम मंदिर दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे कांग्रेस नेताओं को नजरबंद किए जाने के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा, कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर और उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने योगी सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने आईएएनएस से कहा कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पहले ही सूचना दे दी थी कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राम मंदिर में दर्शन के लिए अयोध्या आएगा। इसमें कोई विवाद की बात नहीं थी। उन्होंने कहा, “अमेठी और रायबरेली के नेताओं ने भी पूछा था कि क्या वे साथ आ सकते हैं। मैंने कहा कि बिल्कुल आ सकते हैं, क्योंकि किसी को भी मंदिर जाने से नहीं रोका जा सकता, लेकिन कल मैंने देखा कि अमेठी के हमारे सभी कार्यकर्ताओं को घर में ही नजरबंद कर दिया गया। इसका क्या मतलब है? साफ है कि हमें राम मंदिर जाने से रोकने की कोशिश की गई।”
राम मंदिर से जुड़े मामलों पर किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि सनातन धर्म से जुड़े धार्मिक विषयों पर जनता से सलाह लेकर फैसले होने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि शंकराचार्यों और अन्य संतों को शामिल कर एक व्यापक समिति बनाई जाए, ताकि हर फैसला पूरी पारदर्शिता के साथ लिया जा सके।
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि “जिस तरह चोरी हुई है और जिस तरह सीनाजोरी हो रही है, उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर भगवान राम के दरवाजे पर जाकर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया गया। इससे लगता है कि दोषियों को बचाने की कोशिश ज्यादा और पकड़ने की कोशिश कम हो रही है।”
राजेश ठाकुर ने कहा, “कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट करने का सीधा मतलब है कि चोर चोरी के डर से घबराया हुआ है। राहुल गांधी पहले कहते थे कि ‘चौकीदार ही चोर है’ और आज राम मंदिर चढ़ावा मामले ने उस बात को सच साबित कर दिया है।”
उधर, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “योगी सरकार डरी हुई है। उनका आत्मविश्वास टूट चुका है और उन्हें सत्ता जाने का डर सता रहा है। अगर ऐसा नहीं होता तो जब अरविंद केजरीवाल, जिन्हें उन्होंने अपनी ‘बी-टीम’ कहा, अयोध्या आए थे, तब उन्हें पुलिस सुरक्षा दी गई थी, लेकिन जब कांग्रेस का 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रामलला के दर्शन के लिए जा रहा था, तो उसे नजरबंद कर दिया गया। यह उनके डर को दिखाता है।”

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