डेस्क: शेयर बाजार (Stock Market) में कम समय में बड़ा मुनाफा कमाने की चाह ग्वालियर (Gwalior) के एक युवक को भारी पड़ गई। साइबर ठगों (Cyber fraud) ने उसे 30 फीसदी तक मुनाफे का लालच दिया और एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप (Fake trading app) पर रकम बढ़ती हुई दिखाई। पहले लाखों और फिर करोड़ों रुपये का मुनाफा स्क्रीन पर नजर आया। कुछ समय बाद ऐप पर बैलेंस करीब ढाई करोड़ रुपये पहुंच गया। युवक जब रकम निकालने लगा तो अलग-अलग चार्ज और फीस के नाम पर उससे लगातार पैसे जमा कराए गए। करीब दो महीने में युवक 36 लाख रुपये गंवा बैठा।
मामला ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र का है। युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने साइबर ठगी के इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक के विज्ञापन से शुरू हुआ खेल
युवक की नजर फेसबुक पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़े एक विज्ञापन पर पड़ी। इसमें शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। विज्ञापन के जरिए संपर्क करने पर दूसरी तरफ मौजूद लोगों ने उसे भरोसा दिलाया कि उनके साथ ट्रेडिंग करने पर करीब 30 प्रतिशत तक मुनाफा कमाया जा सकता है।
इसके बाद युवक को एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप में शेयर बाजार, ट्रेडिंग और मुनाफे से जुड़े लगातार मैसेज भेजे जाते थे। पूरा माहौल इस तरह तैयार किया गया कि युवक को लगे कि वह किसी प्रोफेशनल ट्रेडिंग नेटवर्क का हिस्सा है।
फर्जी ऐप पर पहले दिखाया मुनाफा
इसके बाद ठगों ने युवक का एक ट्रेडिंग ऐप पर अकाउंट खुलवाया। शुरुआत में ऐप पर उसकी निवेश की रकम के साथ मुनाफा भी दिखाया गया। धीरे-धीरे स्क्रीन पर रकम बढ़ती गई।
कुछ समय बाद ऐप पर करीब 70 लाख रुपये का प्रॉफिट दिखाई देने लगा। युवक को लगा कि निवेश से उसे बड़ा फायदा हो रहा है और उसकी किस्मत बदल गई है। लेकिन जब उसने यह रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने नया खेल शुरू कर दिया।
पैसे निकालने के नाम पर मांगे अलग-अलग चार्ज
रकम निकालने के लिए कभी फीस तो कभी किसी अन्य चार्ज के नाम पर युवक से पैसे जमा कराने को कहा गया। ऐप पर करोड़ों रुपये का मुनाफा दिखाई दे रहा था, इसलिए युवक भी इस उम्मीद में रकम जमा करता रहा कि कुछ और पैसे देने के बाद पूरी रकम उसके बैंक अकाउंट में आ जाएगी।
यह सिलसिला करीब दो महीने तक चलता रहा। युवक ने अलग-अलग किस्तों में करीब 36 लाख रुपये जमा कर दिए, लेकिन रकम उसके बैंक अकाउंट में नहीं आई।
उधर फर्जी ऐप पर मुनाफे का आंकड़ा लगातार बढ़ता रहा। 70 लाख रुपये के प्रॉफिट के बाद कथित बैलेंस करीब ढाई करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
स्क्रीन पर करोड़ों, बैंक खाते से 36 लाख गायब
युवक को मोबाइल स्क्रीन पर ढाई करोड़ रुपये दिखाई दे रहे थे, जबकि वास्तविक बैंक खाते से 36 लाख रुपये निकल चुके थे। हर बार रकम निकालने की कोशिश करने पर ठग नई शर्त रख देते और और पैसे जमा करने को कहते।
करीब दो महीने तक यह सिलसिला चलने के बाद युवक को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है। उसे समझ आया कि ऐप पर दिखाई जा रही रकम वास्तविक नहीं थी और वह फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए साइबर ठगी का शिकार हो चुका है।
इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की। ग्वालियर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजावल जग्गा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और साइबर ठगी से जुड़े पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
ऐसे बचें फर्जी ट्रेडिंग ऐप से
– सोशल मीडिया पर दिखने वाले हर ट्रेडिंग विज्ञापन पर भरोसा न करें।
– गारंटीड या कम समय में बहुत ज्यादा मुनाफे का दावा करने वालों से सावधान रहें।
– किसी ऐप पर बैलेंस बढ़ता हुआ दिखाई देना इस बात की गारंटी नहीं है कि वह रकम वास्तव में आपकी है।
– पैसे निकालने के लिए बार-बार फीस, टैक्स या चार्ज के नाम पर रकम मांगी जाए तो इसे ठगी का संकेत मानें।
ग्वालियर के इस मामले में मोबाइल स्क्रीन पर ढाई करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाई दे रहा था, लेकिन असल में युवक के 36 लाख रुपये चले गए। यानी स्क्रीन पर करोड़ों का सपना था और बैंक अकाउंट में साइबर ठगी का हिसाब।

