राष्ट्रीय

लाल किले की प्राचीर पर दिखी ‘नारी शक्ति’: पीएम के साथ ध्वजारोहण में सहायक बनीं कैप्टन सोनिया सिंह चौहान 

डेस्क :  स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तिरंगा फहराने के ऐतिहासिक क्षण में देश की निगाहें एक और शख्सियत पर टिकी रहीं। प्रधानमंत्री के ठीक पीछे अनुशासित और दृढ़ मुद्रा में खड़ी भारतीय सेना की अधिकारी कैप्टन सोनिया सिंह चौहान ने इस बार समारोह में ‘नारी शक्ति’ का नया अध्याय लिखा।

21 तोपों की सलामी और राष्ट्रगान की गूंज के बीच जब तिरंगा शान से लहराया, तो कैप्टन सोनिया ध्वजारोहण की आधिकारिक प्रक्रिया में प्रधानमंत्री की सहायता करती नजर आईं। रक्षा मंत्रालय और तीनों सेनाओं के संयुक्त समन्वय के तहत मिली यह जिम्मेदारी उन्होंने बेहद बारीकी और सैन्य अनुशासन के साथ निभाई।

कौन हैं कैप्टन सोनिया सिंह चौहान?

कैप्टन सोनिया सिंह चौहान भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त अधिकारी हैं। वे सेना की उस नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं जो अपनी योग्यता और काबिलियत के दम पर हर मोर्चे पर देश की सेवा कर रही हैं। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोह में उन्हें मिली यह भूमिका उनकी मेहनत और अनुशासन का प्रमाण है।

 

लाल किले का सैन्य प्रोटोकॉल कितना सख्त?

लाल किले पर ध्वजारोहण कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं है। इसके पीछे भारतीय सशस्त्र बलों का बेहद कड़ा प्रोटोकॉल होता है:

जीरो एर टाइमिंग

झंडा फहराने, राष्ट्रगान और 21 तोपों की सलामी का तालमेल सेकंड-टू-सेकंड तय होता है।

कोऑर्डिनेटिंग सर्विस

हर वर्ष थल सेना, नौसेना या वायुसेना में से किसी एक को समारोह के समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।

ध्वजारोहण में सहायता

रक्षा मंत्रालय द्वारा चयनित अधिकारी को ही प्रधानमंत्री के साथ मंच पर खड़े होकर ध्वज की रस्सियों और औपचारिकताओं को संभालने का सम्मान मिलता है। इसके लिए हफ्तों तक रिहर्सल किए जाते हैं।

देश की बेटियों के लिए प्रेरणा

कैप्टन सोनिया की लाल किले पर मौजूदगी ने देशभर की लाखों युवतियों को प्रेरित किया है। आज भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है। सियाचिन की बर्फीली चोटियों से लेकर फाइटर जेट उड़ाने और राष्ट्रीय मंच पर तिरंगे की शान संभालने तक, महिलाएं हर जगह नेतृत्व कर रही हैं।

सेना में अफसर कैसे बनें?

अगर आप भी कैप्टन सोनिया की तरह भारतीय सेना में अधिकारी बनना चाहती हैं तो यह रास्ता अपनाएं:

1. शैक्षणिक योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन।
2. एंट्री का जरिया: ग्रेजुएशन के बाद CDS परीक्षा या NCC ‘C’ सर्टिफिकेट होने पर NCC Special Entry।
3. SSB और मेडिकल: लिखित परीक्षा के बाद SSB इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट पास करना अनिवार्य।
4. प्रशिक्षण: चयनित उम्मीदवारों को OTA चेन्नई में कठिन सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही कंधों पर सितारे सजते हैं।

कैप्टन सोनिया सिंह चौहान की यह तस्वीर इस बात की गवाह है कि अगर हौसले बुलंद हों तो देश की बेटियां किसी भी मंजिल को छू सकती हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *