
दरभंगा। दरभंगा मदारपुर वार्ड 28 में कुम्हार (प्रजापति) समाज के पारंपरिक मिट्टी के बर्तन एवं उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टेराकोटा का निर्माण किया गया था। जिसकी वर्तमान स्थिति बहुत ज्यादा खराब बनी हुई है। समाजसेवीका,प्रियंका झा एवं युवा छात्र नेता दीपक झा ने उकत स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया स्थानीय लोगों से बातचीत कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण मे पाया गया की टेराकोटा क्लस्टर भवन पर ताला लगा हुआ है। भवन का समुचित रखरखाव नहीं होने के कारण वह जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। परिसर में रखी मशीनें उपयोग से पहले ही रखे रखे खराब हो चुकी हैं,चारों ओर कचरे का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया यह परिसर असामाजिक तत्वों एवं नशा करने वालों का अड्डा बन गया है। रखे कचरों से दुर्गध इतनी आती है जिससे मोहल्ले के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।प्रियंका झा ने बताया बिहार विधानसभा में उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल द्वारा यह जानकारी दी गई थी। उक्त टेराकोटा क्लस्टर का संचालन जीविका के माध्यम से किया जा रहा है। दीपक झा ने कहा करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सरकारी परियोजनाओं का इस प्रकार उपेक्षित हो जाना न केवल सरकारी संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि कुम्हार (प्रजापति) समाज के उन परिवारों के साथ भी अन्याय है। जिनकी आजीविका और पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह परियोजना स्थापित की गई थी। समाजसेवी प्रियंका झा ने कहा यदि इस क्लस्टर का समुचित संचालन किया जाए,आधुनिक मशीनों को चालू किया जाए, कुम्हार समाज के युवाओं को प्रशिक्षण, विपणन और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाए, यह केंद्र रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। वर्तमान स्थिति की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। भवन का शीघ्र जीर्णोद्धार, नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। खराब मशीनों की मरम्मत अथवा नई मशीनों की व्यवस्था कर उद्योग को पुनः चालू किया जाए। कुम्हार (प्रजापति) समाज के पारंपरिक उद्योग को पुनर्जीवित करने हेतु विशेष योजना बनाई जाए। परिसर को अतिक्रमण, गंदगी एवं असामाजिक गतिविधियों से मुक्त कर सुरक्षित बनाया जाए।
