मुंबई, 17 जून 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को बड़ा झटका लगने की खबर है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के 6 लोकसभा सांसदों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को समर्थन देने का फैसला किया है।
बताया जा रहा है कि जिन सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की चर्चा है, उनमें संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दीना पाटिल शामिल हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने संभावित बागी सांसदों को खुली चुनौती दी है। नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यदि कोई सांसद पार्टी छोड़ना चाहता है, तो पहले अपने पद से इस्तीफा दे और फिर नया राजनीतिक रास्ता चुने।
राउत ने कहा कि सांसदों की जीत के लिए उद्धव ठाकरे और पार्टी कार्यकर्ताओं ने कड़ी मेहनत की है। ऐसे में जनादेश का सम्मान करते हुए दल बदलने से पहले इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के सांसदों को धनबल के जरिए तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि राउत की प्रेस वार्ता में पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही मौजूद रहे, जिससे राजनीतिक अटकलों को और बल मिला है।
यदि यह राजनीतिक बदलाव आधिकारिक रूप लेता है, तो वर्ष 2022 के बाद यह दूसरी बार होगा जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना में बड़ी टूट देखने को मिलेगी। फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में इस घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
आशुतोष झा

