मुंबई: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त दिलाने के बाद जन सुराज के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में हैं। गुरुवार को उन्होंने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी (अजित पवार गुट) की वरिष्ठ नेता सुनेत्रा पवार से दक्षिण मुंबई स्थित सरकारी आवास ‘देवगिरी’ में करीब पांच घंटे तक लंबी बैठक की।
हालांकि इस मुलाकात को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बैठक में एनसीपी की भविष्य की रणनीति, संगठनात्मक मुद्दों और महायुति में पार्टी की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही प्रशांत किशोर से जुड़ी एक राजनीतिक सलाहकार कंपनी के एनसीपी के साथ संभावित जुड़ाव की भी चर्चा है।
बताया जा रहा है कि इस बैठक की पृष्ठभूमि पहले से तैयार की जा रही थी। इससे पहले भी पार्थ पवार ने प्रशांत किशोर और सुनेत्रा पवार की मुलाकात कराई थी, जिस पर बीजेपी ने असहजता जताई थी। अब बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज की जीत के तुरंत बाद हुई यह बैठक महायुति के भीतर नए राजनीतिक समीकरणों की अटकलों को और तेज कर रही है।
सूत्रों का कहना है कि बीजेपी नेतृत्व ने अपने सहयोगी दलों को यह संदेश भी दिया है कि पार्टी के खिलाफ लगातार राजनीतिक अभियान चलाने वाले नेताओं के साथ करीबी रिश्ते उचित नहीं माने जाएंगे। ऐसे में प्रशांत किशोर और सुनेत्रा पवार की यह लंबी मुलाकात कई सवाल खड़े कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति का संकेत भी हो सकती है। हालांकि बैठक के वास्तविक एजेंडे और उसके संभावित असर को लेकर अभी दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आशुतोष झा

