डेस्क:दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को घोषणा की कि राष्ट्रीय राजधानी के 28 घाटों पर यमुना की सफाई का एक बड़ा अभियान चलाया गया, जिसमें हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया। इस अभियान का मकसद नदी और उसके आस-पास के इलाकों की सफ़ाई करना था। गुप्ता ने इस अभियान में लोगों की अलग-अलग तरह की भागीदारी पर ज़ोर देते हुए कहा कि रविवार को दिल्ली के 28 घाटों पर यमुना की सफ़ाई का एक बड़ा अभियान शुरू किया गया, जिसमें हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया। मैंने देखा कि बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, सभी ने इस सफ़ाई अभियान में भाग लिया। सफ़ाई अभियान के दौरान मिले कचरे के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि वहाँ हमें प्लास्टिक की थैलियाँ, पूजा-पाठ का सामान और टूटी हुई मूर्तियाँ मिलीं। इसका क्या समाधान है? मुझे लगता है कि इस तरह के सफ़ाई अभियान नियमित रूप से चलाने की ज़रूरत है। उन्होंने आगे कहा कि रिवरफ़्रंट इलाकों में मिलने वाले कचरे के प्रकार के हिसाब से ही कचरा प्रबंधन की रणनीतियां बनाई जाएंगी। गुप्ता ने समझाया कि वहां मिलने वाली हर तरह की चीज़ के लिए हमें अलग-अलग तरह से कचरा प्रबंधन करना होगा।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से यमुना को साफ़ रखने में सक्रिय रूप से शामिल होने और पर्यावरण से जुड़ी मौजूदा पहलों का समर्थन करने की अपील की। दिल्ली सरकार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करके यमुना को साफ़ करने की कोशिश कर रही है और दिल्ली को साफ़-सुथरा और हरा-भरा बनाने के मकसद से पेड़-पौधे लगाकर नदी के किनारे को फिर से बेहतर बनाने की योजना बना रही है। गुप्ता ने पूजा-पाठ की चीज़ों के निपटारे के बारे में भी सीधे तौर पर अपील की। उन्होंने इन चीज़ों की पवित्रता और इस्तेमाल के बाद इनके ज़िम्मेदार तरीके से निपटारे की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

