डेस्क: पश्चिम एशिया में बदलते हालात और ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने हाल ही में एक हाई-लेवल अंतर-मंत्रालयी बैठक की है। इस अहम बैठक में खाद, पेट्रोलियम, एलपीजी, नेचुरल गैस और समुद्री सुरक्षा से जुड़ी मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई।
सरकार ने साफ तौर पर दावा किया है कि देश में जरूरी चीजों की सप्लाई पूरी तरह से कंट्रोल में है और देशवासियों को पैनिक होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि किसी भी चीज की कोई कमी नहीं है।
खाद की उपलब्धता पर सरकार का बड़ा दावा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खरीफ 2026 सीजन के लिए देश में खाद की अनुमानित मांग लगभग 383.9 लाख मीट्रिक टन है। इसके मुकाबले वर्तमान में करीब 197.56 लाख मीट्रिक टन खाद का बंपर स्टॉक पहले से ही मौजूद है, जो कुल जरूरत का 50 प्रतिशत से भी ज्यादा है। सरकार का कहना है कि यह स्थिति सामान्य से कहीं बेहतर है और किसानों को समय पर खाद मुहैया कराने के लिए डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
घरेलू उत्पादन और आयात से सप्लाई हुई और मजबूत
सरकार ने बैठक में बताया कि हाल के समय में खाद के घरेलू उत्पादन और विदेशों से होने वाले आयात दोनों में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। अब तक लगभग 147.40 लाख मीट्रिक टन खाद देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाई जा चुकी है, जबकि आने वाले दिनों में और भी बड़ी खेप आने की उम्मीद है। इसके साथ ही सरकार कंपनियों को जरूरी सब्सिडी और सपोर्ट भी दे रही है ताकि सप्लाई चेन में कोई रुकावट न आए।
पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर सप्लाई में राहत भरी खबर
आम जनता के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की सप्लाई पूरी तरह से नॉर्मल है। हाल के दिनों में रिकॉर्ड तोड़ लगभग 1.77 करोड़ एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई है, जो कि सामान्य बुकिंग के आंकड़ों से भी कहीं अधिक है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें और बेवजह ईंधन या गैस का स्टॉक जमा न करें।
रसोई में PNG कनेक्शन की रफ्तार हुई दोगुनी
देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का दायरा बहुत तेजी से बढ़ाया जा रहा है ताकि लोगों को सीधे पाइप से गैस मिल सके। हाल ही में करीब 9.16 लाख नए पीएनजी कनेक्शन बांटे गए हैं, जबकि 3.05 लाख नए कनेक्शन देने के लिए अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया है। अब तक लगभग 9.24 लाख नए उपभोक्ता इस आधुनिक नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। सरकार का मुख्य लक्ष्य शहरों और बड़े इलाकों में एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता को कम करना और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना है।
सस्ते और नए ईंधन के साथ हरित ऊर्जा पर फोकस
सरकार ने देश में E85 जैसे वैकल्पिक ईंधन को भी तेजी से प्रमोट करने की बात कही है। यह ईंधन नॉर्मल पेट्रोल की तुलना में काफी सस्ता पड़ता है और इसमें एथेनॉल की मात्रा ज्यादा होने की वजह से प्रदूषण भी बहुत कम होता है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), हाइड्रोजन फ्यूल और बायो-फ्यूल जैसी तकनीकों को भविष्य की ऊर्जा जरूरतों का मुख्य आधार बनाने की दिशा में मिशन मोड में काम कर रही है।
ओमान समुद्री घटना और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर दिया बड़ा अपडेट
ओमान के तट के पास एक कमर्शियल जहाज में आग लगने की खतरनाक घटना के बाद सरकार ने देश को आश्वस्त किया है कि उसमें मौजूद सभी 24 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस संवेदनशील मामले में भारतीय नौसेना, विदेश मंत्रालय और शिपिंग विभाग आपस में लगातार तालमेल बनाकर काम कर रहे हैं ताकि समुद्र में भी हमारे नागरिकों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जा सके।

