डेस्क:केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी ने ‘कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड’ (सीएमआरएल) से जुड़े धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से पूछताछ टालने का अनुरोध किया है। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। ईडी ने वीणा को शुक्रवार को कोच्चि स्थित अपने कार्यालय में जांच दल के समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किया था। हालांकि, सूत्रों के अनुसार वीणा ने हाल में ईडी को ईमेल भेजकर स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए अपनी पेशी स्थगित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने एजेंसी को यह भी सूचित किया है कि सभी आवश्यक दस्तावेज जल्द ही उनके वकील के माध्यम से जमा करा दिए जाएंगे। ईडी सूत्रों ने बताया कि एजेंसी उनकी पेशी के लिए नयी तारीख तय करते हुए नया समन जारी करने पर विचार कर रही है। ईडी की जांच उन आरोपों से जुड़ी है जिनके अनुसार सीएमआरएल ने वीणा की स्वामित्व वाली आईटी परामर्श कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ को बिना कोई सेवा प्राप्त किए 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। ईडी के अनुसार, सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक शशिधरन कार्ता द्वारा संचालित एक अन्य कंपनी ‘एम्पॉवर इंडिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड’ ने भी एक्सालॉजिक को 50 लाख रुपये का ऋण दिया था, जबकि कंपनी कथित तौर पर समय पर भुगतान करने में विफल रही थी।
एजेंसी का आरोप है कि इन लेन-देन के माध्यम से शशिधरन कार्ता और वीणा से जुड़े सीएमआरएल प्रबंधन ने ‘अपराध से आय अर्जित की।’ ईडी ने यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अप्रैल 2025 में एर्नाकुलम की एक अदालत में गंभीर धोखाधड़ी जांच विभाग (एसएफआईओ) द्वारा दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। एसएफआईओ कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की जांच शाखा है। जनवरी 2019 में आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान लगभग 130 करोड़ रुपये के संदिग्ध और कथित रूप से फर्जी खर्चों सहित कई अनियमितताएं सामने आने के बाद सीएमआरएल केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर आया था। पिछले महीने ईडी ने इस मामले से जुड़े 10 ठिकानों पर तलाशी ली थी, जिनमें वीणा और उनके पति तथा पूर्व मंत्री पीए मोहम्मद रियास से जुड़े परिसर भी शामिल थे।

