दरभंगा।:अकसर ऐसा देखा गया है कि बेहतर सुविधा मिलने से छात्रों में पठन- पाठन के प्रति रुचि बढ़ती है। इसलिए छात्रों के हितों और उससे जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जाएगी तो बेशक संस्कृत से भी उसका जुड़ाव बढ़ेगा। ऐसा करने से भी कालेजों में छात्रों की संख्या हमलोग बढा सकते हैं। पटना के राजकीय संस्कृत कालेज में नए छात्रावास के शिलान्यास करने के बाद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मीनिवास पाण्डेय ने उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि छात्रों की अधिकता को देखते हुए यहां नए छात्रावास की अत्यन्त आवश्यकता है। छात्रावास के निर्माण होने पर इस महाविद्यालय के प्रति छात्रों का आकर्षण और बढेगा जो संस्कृत व संस्कृति के विकास में सहायक होगा। उक्त जानकारी देते हुए पीआरओ डॉ निशिकांत ने बताया कि वैदिक मंगलाचरण के बीच किये गए शिलान्यास कार्यक्रम को सम्पन्न करने के बाद कुलपति प्रो पांडेय ने यह भी कहा कि
उक्त छात्रावास आधुनिक सुविधाओं के साथ वैदिक गुरुकुल परम्परा को भी पुनर्जीवित करेगा।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ.मनोज कुमार ने सभी आगन्तुकों का स्वागत किया और छात्रावास की रूपरेखा भी कुलपति के सामने प्रस्तुत की। उन्होंने आशा जताई कि यह छात्रावास का निर्माण बहुत शीघ्र होगा और इसका उद्घाटन भी कुलपति प्रो पांडेय ही करेंगे। वहीं , संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.दिनेश झा एवं वित्त पदाधिकारी डॉ पवन कुमार झा की विशिष्ट उपस्थिति भी कार्यक्रम की शोभा बढा गई। इन पदाधिकारी द्वय का भी स्वागत किया गया।
कार्यक्रम मेंं पूर्व प्रभारी कुलपति सह वरिष्ठ आचार्य प्रो.उमेश शर्मा, डॉ.शशिकान्त तिवारी, डॉ. विवेकानंद पासवान, डॉ.गोपाल झा, डॉ. सुजीत सौरभ सहित समस्त कर्मचारियों के साथ स्थानीय वार्ड पार्षद कैलाश यादव , हथुआ ज्ञानोदय संस्कृत महाविद्यालय, मंदिरी के प्रभारी प्रिंसिपल डॉ.अनिल कुमार झा, बख्तियारपुर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ बालमुकुंद मिश्र भी उपस्थित रहे।

