
दरभंगा। दरभंगा सदर अनुमंडल के साथ 1845 में स्थापित मुख्तारखाना भवन की सुरक्षा और संवर्धन विषय पर शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन भवन में वकीलों की एक बिचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आहूत गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व पीपी श्याम किशोर प्रधान ने कहा न्यायिक ब्यवस्था में भागीदारी के लिए 1845 में मुख्तार खाना बनाया गया।जिसकी सुरक्षा और संरक्षण आवश्यक है।अधिवक्ता पवन कुमार चौधरी ने 181 वर्ष के इस भवन के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसे बचाने का आहवान वकीलों से किया। अधिवक्ता राजीव रंजन ठाकुर ने कहा अधिवक्ता अपने बार एसोसिएशन, स्टेट बार काऊंसिल और बार काऊंसिल ऑफ इण्डिया के नियमों से बंधे हुए हैं।इसलिए आवश्यक है कि सौ से अधिक अधिवक्ता मुख्तारखाना के संरक्षण के लिए हस्ताक्षरयुक्त आवेदन जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव को देकर इसके संरक्षण का आग्रह करें।अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार चौधरी ने कहा 181 वर्ष पूर्व निर्मित इस भवन का संरक्षण जरुरी है। अधिवक्ता, विरेंद्र कुमार सिंह ने कहा मुख्तारखाना भवन का संरक्षण संवर्धन के लिए वकीलों को एकजुट होना होगा।अधिवक्ता रमणजी चौधरी ने कहा न्यायिक महत्व का ऐतिहासिक धरोहर मुख्तारखाना है। गोष्ठी में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मुख्तारखाना का संरक्षण के लिए एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव को सौ से अधिक वकीलों का हस्ताक्षरयुक्त आवेदन अगले सप्ताह दिया जाय। अध्यक्षीय उदबोधन में अरुण कुमार चौधरी ने कहा 1845 में दरभंगा सदर अनुमंडल का गठन किये जाने के साथ हीं मुख्तारखाना बना था।एसडीओ कोर्ट में आपराधिक मामलों का संज्ञान 31 मार्च 1974 तक लेने की ब्यवस्था थी। यह भवन स्वतंत्रता आन्दोलन का केंद्र बिन्दु था।ऐसे में न्यायिक क्षेत्र के इस ऐतिहासिक महत्व के भवन का संरक्षण संवर्धन के लिए वकीलों को आगे आना होगा, इसकी पहल की आवश्यकता है।
