
दरभंगा। दरभंगा में आयोजित माले के राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन पार्टी महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, केंद्रीय कमिटी सदस्य मंजू प्रकाश और जिला सचिव वैद्यनाथ यादव ने प्रेस को संबोधित किया। कौमरेड दीपंकर ने कहा बिहार के विभिन्न जिलों से चुनकर आए प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। खेत मजदूर, किसान आंदोलन,छात्र-नौजवान, महिला आंदोलन और जनसंगठनों से जुड़े कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हैं. सम्मेलन में बिहार की राजनीतिक परिस्थिति, संगठन के कामकाज की समीक्षा और आगे की कार्य योजना पर चर्चा हो रही है। सुशासन के नारे से “बुलडोजर राज तक
कामरेड दीपांकर ने कहा नीतीश कुमार कभी सुशासन,सामाजिक न्याय और सांप्रदायिकता के खिलाफ राजनीति की बात करते थे, लेकिन आज बिहार भाजपा के हवाले कर दिया गया। उन्होंने कहा अब राज्य में बुलडोजर राज चल रहा है. गरीबों के घर गिराए जा रहे हैं, छात्रों और नौजवानों के आंदोलनों का दमन किया जा रहा है तथा विरोध की आवाज़ों को दबाया जा रहा है। मतदाता सूची से नाम हटाने पर सवाल चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए। कहा लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए हैं। उनका नाम वापस जोड़ा जाना चाहिए, लेकिन इसके उलट सरकारी सुविधाएं बंद करने की बात की जा रही है। उन्होंने कहा किया करीब 45 लाख लोगों के सामने राशन कार्ड और अन्य सुविधाएं छिनने का संकट खड़ा हो गया है। नेताओं ने कहा पहले मतदाता सरकार चुनते थे, अब सरकार चुनाव आयोग के जरिए मतदाता चुन रही है। भूमि अधिग्रहण और कॉरपोरेट नीति का विरोध कहा किसानों की जमीन अधिग्रहित कर बड़े कॉरपोरेट घरानों को सौंपी जा रही है। सरकार की नीतियां किसानों और गरीबों के खिलाफ हैं तथा भूमि अधिग्रहण के जरिए उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।महिला हिंसा और शिक्षा व्यवस्था पर हमला
महिला हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई गई। चुनाव के बाद महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढ़ी है और पीड़ितों को न्याय नहीं मिल रहा। नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं का पूरा तंत्र अपराधियों के प्रभाव में है। भाजपा संरक्षण में चल रहे इस भ्रष्ट तंत्र ने 22 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए कहा महंगाई और संकट का बोझ गरीबों और मेहनतकशों पर डाला जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन कमजोर किया जा रहा है, तेल के मामले में देश की निर्भरता बढ़ी है और आम जनता परेशान है। इन्हीं नीतियों के खिलाफ देशभर में आंदोलन तेज हो रहे हैं। संस्थाओं की गिरती साख देश की संवैधानिक, लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख लगातार गिर रही है। उन्होंने न्यायपालिका और अन्य संस्थाओं से जुड़े हालिया बयानों का हवाला देते हुए कहा युवाओं और आम जनता के सवालों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। जिस तरह के चुनाव आज देश में हो रहे हैं, वे लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं. मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर कर जनता की भागीदारी सीमित करने की कोशिश की जा रही है। कल होगा सम्मेलन का समापन
बताया सम्मेलन का समापन कल होगा। अंतिम दिन नई कमिटी का गठन और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी।
इस अवसर पर बिहार राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष मंजू प्रकाश, जिला सचिव बैद्यनाथ यादव मौजूद थे। फर्ज का लोकार्पण : भोजपुर के क्रांतिकारी आंदोलन की दास्तान, भाकपा (माले) राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन प्रतिनिधि सत्र का समापन सुप्रसिद्ध जनवादी कथाकार और जनगीतकार विजेंद्र अनिल के तीसरे कहानी संग्रह ‘फर्ज’ के लोकार्पण से हुआ। यह संग्रह उनके निधन के उन्नीस साल बाद प्रकाशित हुआ है। इस संग्रह की कहानियों में भोजपुर के क्रांतिकारी किसान आंदोलन की छवि है। भाकपा (माले) के इतिहास और उसके संघर्षों को समझने की दृष्टि से ये ऐतिहासिक दस्तावेज की तरह हैं। विजेंद्र अनिल की कहानियाँ आज भी जनांदोलनों के लिए प्रेरणा का कार्य करती हैं। ‘फर्ज’ का लोकार्पण भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य,माले केंद्रीय कमिटी सदस्य,काराकाट के सांसद का. राजाराम सिंह,महिला संगठन ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव का. मीना तिवारी,भाकपा (माले) राज्य कमिटी सदस्य का. मंजू प्रकाश,जन संस्कृति मंच के राज्य अध्यक्ष कवि-आलोचक जितेंद्र कुमार,जसम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र प्रसाद सुमन,
समकालीन लोकयुद्ध के संपादक का. संतोष सहर,इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और डुमरांव के पूर्व विधायक का. अजित सिंह कुशवाहा,जसम के राष्ट्रीय सचिव सुधीर सुमन ने किया।
