
दरभंगा। हायाघाट प्रखंड स्थित मझौलिया पंचायत के होरलपट्टी गांव की कंचन देवी आज संघर्ष से आज मातृत्व की मिसाल बन गई हैं। बेहद गरीब परिवार से आने वाली कंचन देवी ने मेहनत-मजदूरी कर अपनी बेटी बुच्ची कुमारी को पढ़ाया और अंचलाधिकारी के पद तक पहुंचाया।
जीविका समूह से जुड़कर कंचन देवी ने 30 हजार रुपये का ऋण लिया और अपने पति के साथ कोयला बनाने का व्यापार शुरू किया। धीरे-धीरे कारोबार चला और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने लगी।
मां के त्याग और प्रेरणा से बुच्ची कुमारी ने पढ़ाई जारी रखी। उसके संघर्ष का ही परिणाम है की मैट्रिक से लेकर स्नातक तक हर परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया और वर्ष 2021 में बीपीएससी परीक्षा पास कर आज अंचलाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। आजकी इस सफलता का पूरा श्रेय बुच्ची कुमारी अपनी मां कंचन देवी को दे रही हैं। उसका कहना है मां के संघर्ष और हिम्मत की बदौलत ही आज वह इस मुकाम तक पहुंच पाई हैं।
