
दरभंगा। राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उदेश्य आपसी सहमति एवं सुलह के आधार मामलों का त्वरित सुलभ समाधान करना है। खासकर शमनीय मामलों का निष्पादन कर अदालत में लंबित मुकदमे का बोझ कम किया जाता है। उक्त बातें शनिवार को न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालय परिसर में मौके पर लोगो की समस्याओ को सुना और समाधान जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, दरभंगा जावेद आलम किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के मौके पर संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष ने कही। डीएम सह प्राधिकार के उपाध्यक्ष कौशल कुमार ने कहा यह आयोजन आपके लिए है। जरुरत इस बात की है कि सुलह समझौता कर अपने विवादों को निपटा कर खुशी खुशी अपने घर जायें। वरीय पुलिस अधीक्षक सह प्राधिकार के सदस्य जगुनाथ रेड्डी ने कहा सामाजिक सौहार्द के लिए जरूरी है लोग आपस की कटूता को भुलाकर समाज में अमन शांति दें।इसके फायदे हीं फायदे हैं।इसलिए आवश्यक है लोगों को इसका भरपुर लाभ उठाना चाहिए। अध्यक्ष चन्द्रधर मल्लिक ने लोक अदालत को सफल बनाने की अपील किया। बार एसोसिएशन के महासचिव कृष्ण कुमार मिश्रा ने कहा लोक अदालत का प्रत्यक्ष लाभ जिला के पक्षकारों को मिल रही है। मौके पर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश प्रमोद कुमार पंकज,स्थाई लोक अदालत के पीठासीन सुरेन्द्र नाथ त्रिपाठी,शलभ शर्मा ने संबोधित किया। संचालन आनन्द सौरभ और धन्यवाद ज्ञापन प्राधिकार के सचिव आरती कुमारी ने किया। कुल 27 खंडपीठ अलग अलग किस्म के मामलों का निष्पादन के लिए न्यायिक पदाधिकारियों की अध्यक्षता में कूल 27 खंडपीठों का गठन किया गया। लोक अदालत में तलाकवाद और भरणपोषण वाद को लेकर दांपत्य त्यागकर अदालत का चक्कर लगा रहे कूल 6 दंपतियों के लिए लोक अदालत से राहत मिली।
क्षतिपूर्ति दावावाद वाहन दूर्घटना समेत अन्य कुल 9 मामले क्षतिपूर्ति दावा वाद के निष्पादित किये गये।जिसमें करीब 01 करोड़ 39 लाख 08 हजार 08 सौ रुपये का समझौता हुआ निष्पादन। लोक अदालत में kreeb हजारों मामलों का निष्पादन किया गया। उत्पाद,क्लेम,लेबर,वन अधिनियम एमभी ऐक्ट सहित बिभिन्न बैंकों के बैंक ऋण,टेलीफोन, बिजली आदि से संबंधित मामलों में 2 करोड़ 69 लाख 98 हजार 183 रु का सेटलमेंट किया गया।
