डेस्क: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में जबलपुर (Jabalpur) के नजदीक स्थित बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे के बाद हिमाचल में भी अलर्ट जारी हो गया है। प्रदेश सरकार ने जल गतिविधियों को लेकर उपायुक्तों को दिशा-निर्देश जारी करने के आदेश दिए हैं। सरकार ने साफ किया है कि नियमों के तहत किसी भी जल गतिविधि में शामिल हर व्यक्ति के लिए लाइफ जैकेट पहनना जरूरी कर दिया है।
नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई
बिना लाइफ जैकेट किसी को भी नाव या बोट में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जल गतिविधियों में सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। जो नियमों को तोड़ेगा उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा उपकरण होना जरूरी
बिलासपुर जिले की गोबिंदसागर झील, कोल डैम जलाशय, कुल्लू जिला में ब्यास नदी, चंबा में रावी नदी सहित यहां बनाए डैमों में खेल गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इसमें हजारों पर्यटक इन जलक्रीड़ाओं का आनंद उठाते हैं। सरकार ने हर नाव में पर्याप्त सुरक्षा रस्सियां और प्राथमिक उपचार किट रखना भी अनिवार्य किया है।
नाव की क्षमता से ज्यादा लोग नहीं बैठेंगे
इतना ही नहीं किसी नाव, बोट या क्रूज में तय सीमा से ज्यादा लोगों को नहीं बैठाया जाएगा। नाव की क्षमता को अंकित करना होगा। मोटर बोट का इंजन भी उसकी क्षमता के अनुसार ही होना चाहिए।
प्रशिक्षित स्टाफ ही होगा तैनात
जल गतिविधियों में अब केवल प्रशिक्षित और प्रमाणित कर्मचारियों की ही तैनाती होगी। नाव चालक, लाइफ गार्ड और अन्य स्टाफ के पास तैराकी, बचाव कार्य और प्राथमिक उपचार से जुड़े वैध प्रमाणपत्र होना जरूरी होगा। बिना प्रशिक्षण वाले लोगों को प्रतिबंधित कर दिया है।
पर्यटकों को देनी होगी ये जानकारी
यह भी साफ किया है कि नाव व उपकरणों की नियमित तकनीकी जांच करना जरूरी होगा। किसी भी प्रकार की खराबी मिलने पर उस नाव का संचालन बंद कर दिया जाएगा। हर यात्रा से पहले पर्यटकों को सुरक्षा नियमों और आपात स्थिति से निपटने की जानकारी देना भी जरूरी होगा। महत्वपूर्ण जल स्थलों पर 24 घंटे रेस्क्यू टीम, बचाव नाव और आपात संचार व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। खतरनाक क्षेत्रों में स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। कुछ संवेदनशील इलाकों में जल गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी।

