डेस्क:मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है। शुरुआती जांच में जिस खाने (बिरयानी और तरबूज) को मौत की वजह माना जा रहा था, उसे क्लीन चिट मिल गई है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की रिपोर्ट के अनुसार, घर से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों में कोई मिलावट या हानिकारक तत्व नहीं पाए गए हैं। अब पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारी ज़हर (Toxicity) की आशंका पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। मुंबई पुलिस इस मामले में टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है। यह घटना 26 अप्रैल को शहर के पायधुनी इलाके में हुई थी। इस रिपोर्ट से यह साफ होने की उम्मीद है कि क्या ज़्यादा मात्रा में पेनकिलर (दर्द निवारक दवा) या किसी ज़हरीले पदार्थ के कारण उनकी मौत हुई है। खाने में कोई हानिकारक पदार्थ नहीं मिला, ज़हर की आशंका
शुरुआती जांच में, महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को परिवार द्वारा खाए गए भोजन में कोई हानिकारक पदार्थ नहीं मिला है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मॉर्फिन (एक दर्द निवारक दवा) की मौजूदगी और शरीर के कुछ ऊतकों (tissues) में असामान्य रूप से हरे रंग का बदलाव पाया गया है। यह किसी ज़हरीले पदार्थ के संपर्क में आने का संकेत हो सकता है।
महाराष्ट्र FDA ने पायधुनी स्थित परिवार के घर से खाने के 11 सैंपल लिए थे और उनकी जांच की। जांच में खाने में किसी भी तरह की मिलावट का कोई सबूत नहीं मिला। इन सैंपलों में बिरयानी, तरबूज, मिट्टी के घड़े और फ्रिज में रखा पानी, कच्चा और पका हुआ चावल, कच्चा और पका हुआ चिकन, खजूर और मसाले शामिल थे।

