राष्ट्रीय

दिल्ली MCD में BJP की एकतरफा जीत, प्रवेश वाही मेयर, डॉ. मोनिका पंत बनीं डिप्टी मेयर

डेस्क: दिल्ली नगर निगम (MCD) के मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने निर्णायक जीत हासिल की है। रोहिणी ईस्ट से तीन बार के पार्षद प्रवेश वाही को दिल्ली का नया मेयर चुना गया है, जबकि आनंद विहार की पार्षद डॉ. मोनिका पंत डिप्टी मेयर निर्वाचित हुई हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) के चुनाव प्रक्रिया से दूर रहने के कारण मुकाबला पूरी तरह एकतरफा रहा।
मेयर पद के लिए हुए चुनाव में प्रवेश वाही को कुल 156 वोट मिले। इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 14 पार्षदों ने भी उनका समर्थन किया। उनके खिलाफ कांग्रेस उम्मीदवार हाजी ज़राफ़ को महज 9 वोट ही मिल सके। वहीं, डिप्टी मेयर पद पर डॉ. मोनिका पंत ने भी 156 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। चुनाव से पहले दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय में बैठक कर सांसदों और पार्षदों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी गई थी।
कौन हैं प्रवेश वाही?
प्रवेश वाही नगर निगम राजनीति के अनुभवी चेहरों में गिने जाते हैं। वे रोहिणी ईस्ट वार्ड से तीसरी बार पार्षद बने हैं। उनका राजनीतिक सफर 1980 के दशक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा के साथ शुरू हुआ। वे पहली बार 2007 में पार्षद चुने गए और इसके बाद 2012 व 2022 में भी जीत दर्ज की। लगभग दो दशक के अनुभव के साथ वाही उत्तर दिल्ली नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष और रोहिणी ज़ोन के चेयरमैन जैसे पदों पर भी काम कर चुके हैं। संगठन और प्रशासनिक अनुभव के आधार पर उन्हें मेयर की जिम्मेदारी दी गई है।

डॉ. मोनिका पंत का प्रोफाइल
डिप्टी मेयर बनीं डॉ. मोनिका पंत पेशे से मेडिकल प्रैक्टिशनर हैं और उनकी छवि एक शिक्षित व साफ-सुथरे नेता की है। उन्होंने 2001 में इंडियन बोर्ड ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन से एमडी (A.M.) की डिग्री प्राप्त की। 48 वर्षीय पंत आनंद विहार वार्ड से पार्षद हैं और 2022 के चुनाव में AAP उम्मीदवार को हराया था। वे भाजपा महिला मोर्चा की महामंत्री भी रह चुकी हैं। चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके पास लगभग 13.96 करोड़ रुपये की संपत्ति है और उन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उनके पति आशीष पंत चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं।
स्टैंडिंग कमेटी में भी चयन
मेयर और डिप्टी मेयर के साथ-साथ MCD की अहम स्टैंडिंग कमेटी के लिए भी चुनाव हुए। भाजपा की ओर से जय भगवान यादव और मनीष चड्ढा चुने गए, जबकि शालीमार बाग से AAP पार्षद जलज चौधरी को भी कमेटी में जगह मिली है। इस जीत को भाजपा की रणनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है। AAP की गैरमौजूदगी से मुकाबला और आसान हो गया, जबकि कांग्रेस को बेहद कम समर्थन मिला। अब नए नेतृत्व के सामने दिल्ली में सफाई व्यवस्था सुधारने और निगम प्रशासन को मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *