डेस्क: भारत और यूक्रेन (India and Ukraine) के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग (Defense and Security Cooperation) को लेकर एक अहम समझौता जल्द ही औपचारिक रूप ले सकता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देश सुरक्षा सहयोग समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।
यह घोषणा यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव की हालिया भारत यात्रा के बाद सामने आई है। इस दौरान उन्होंने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उच्च स्तरीय बातचीत की।
युद्ध अनुभव से सहयोग को मिलेगी मजबूती
रूस के साथ लंबे समय से जारी युद्ध के बीच यूक्रेन अब ड्रोन युद्ध और वायु रक्षा प्रणाली से जुड़े अपने अनुभव अन्य देशों के साथ साझा कर रहा है। भारत भी इन क्षमताओं और अनुभवों से लाभ उठाने में रुचि दिखा रहा है, जिससे रक्षा क्षेत्र में सहयोग को नई मजबूती मिल सकती है।
भारत का रुख: संवाद और कूटनीति से समाधान
बैठक के दौरान एनएसए अजीत डोभाल ने भारत के स्पष्ट रुख को दोहराया कि किसी भी संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही निकाला जाना चाहिए। भारत लगातार शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता रहा है।
शांति प्रयासों में भारत की भूमिका सराही
यूक्रेनी पक्ष ने स्थायी शांति के प्रयासों में भारत की समझ और संतुलित नीति की सराहना की। फरवरी 2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने संतुलित कूटनीतिक रुख बनाए रखा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भारत इस संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए हरसंभव योगदान देने को तैयार है।

