
दरभंगा। लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर राजद और कांग्रेस ने साफ कर दिया उन्हें महिलाओं की भागीदारी स्वीकार नहीं। सत्ता के लिए महिलाओं के अधिकारों को कुचलना इनकी पुरानी प्रवृत्ति रही है। एनडीए के नेतृत्व में पटना के कारगिल चौक, गांधी मैदान में महिलाओं द्वारा निकाले गए जन आक्रोश पदयात्रा मार्च में महिलाओं का जनसैलाब इस बात का संकेत है कि लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करना कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों की ताबूत में आखिरी कील साबित होगा।
भाजपा सांसद सह लोकसभा में पार्टी सचेतक डा गोपाल जी ठाकुर ने जनाक्रोश पदयात्रा में महिलाओं की विशाल भागीदारी को कांग्रेस जैसी विपक्षी दलों के लिए एक आईना बताते हुए कहा नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक बिल नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के सम्मान और अधिकार का संकल्प है तथा इस संकल्प और महिलाओं की भागीदारी को रोकने वाली हर मानसिकता का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक नारी शक्ति को उसका पूरा अधिकार नहीं मिल जाता।
