नई दिल्ली | प्रस्तावित परिसीमन के जरिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 815 किए जाने की चर्चा ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। इस मुद्दे पर Manish Tewari ने गुरुवार को केंद्र सरकार को सीधे कठघरे में खड़ा करते हुए प्रस्तावित विधेयक को वापस लेने की मांग की।
Indian National Congress के वरिष्ठ नेता तिवारी ने कहा कि संसद का उद्देश्य केवल संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रभावी और जवाबदेह लोकतंत्र सुनिश्चित करना है। उन्होंने तीखे अंदाज में सवाल उठाया कि क्या सरकार भारत की संसद को China की संसद जैसा बनाना चाहती है, जहां संख्या अधिक होने के बावजूद वास्तविक बहस और संतुलन पर सवाल उठते रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इतने बड़े बदलाव से पहले व्यापक राजनीतिक सहमति और गंभीर विचार-विमर्श जरूरी है। बिना सभी पक्षों को विश्वास में लिए ऐसा कदम उठाना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत होगा।
इस बयान के बाद विपक्षी दलों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर स्वर तेज हो गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परिसीमन जैसे संवेदनशील विषय पर उठी यह बहस आने वाले समय में और गहराएगी, क्योंकि इसका सीधा असर प्रतिनिधित्व और चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।
फिलहाल, सरकार की ओर से इस पर स्पष्ट प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन इतना तय है कि यह मुद्दा अब सियासी बहस का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।
आशुतोष झा

